धड़कन थमी तो क्या करेंगे आप? बक्सर में 150 लोगों को सिखाया गया ‘जिंदगी बचाने’ का सीक्रेट, 2 लाख तक पहुंचा अभियान ..

लोगों को यह समझाने की कोशिश की गई कि दुर्घटना, अचानक बेहोशी या सांस और दिल से जुड़ी गंभीर आपात स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे समय में घबराने के बजाय प्रशिक्षित तरीके से सहायता पहुंचाना किसी व्यक्ति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है.







                             

- अस्पताल पहुंचने से पहले का वो वक्त... जब एक सही कदम बचा सकता है किसी की जान, सीपीआर की मिली ट्रेनिंग

- साबित खिदमत फाउंडेशन का ‘लाइफ सेविंग कैंपेन’ बना मिशन, स्कूलों से लेकर आम लोगों तक पहुंचेगा जीवनरक्षक संदेश

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : कल्पना कीजिए... आपके सामने अचानक कोई व्यक्ति बेहोश होकर गिर जाए, सांसें थम जाएं और दिल की धड़कन रुकने लगे. एंबुलेंस आने में कुछ मिनट लग सकते हैं, लेकिन जिंदगी बचाने के लिए वही कुछ मिनट सबसे ज्यादा कीमती हो सकते हैं. ऐसे वक्त में अगर आसपास मौजूद किसी व्यक्ति को सीपीआर और प्राथमिक जीवनरक्षक तकनीक की जानकारी हो, तो वह अस्पताल पहुंचने से पहले ही जिंदगी बचाने की कोशिश शुरू कर सकता है. इसी सोच के साथ बक्सर में करीब 150 लोगों को जीवन बचाने का हुनर सिखाया गया.

चीनी मिल, बक्सर स्थित साबित खिदमत फाउंडेशन एंड हॉस्पिटल में जीवनरक्षक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में करीब 150 लोगों को सीपीआर और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने से जुड़ी जरूरी जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का मकसद लोगों को केवल दर्शक बने रहने के बजाय आपात स्थिति में सही समय पर सही कदम उठाने के लिए तैयार करना रहा.

‘लाइफ सेविंग कैंपेन’ पहुंचा दो लाख लोगों तक

साबित खिदमत फाउंडेशन की ओर से चलाया जा रहा ‘लाइफ सेविंग कैंपेन’ अब धीरे-धीरे बड़े जनजागरूकता अभियान का रूप ले रहा है. संस्था के अनुसार, अभियान के जरिए अब तक करीब दो लाख लोगों तक जीवनरक्षक जानकारी पहुंचाई जा चुकी है. संस्था का लक्ष्य है कि समाज का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक सहायता देने के लिए प्रशिक्षित हो.

शिविर में लोगों को यह समझाने की कोशिश की गई कि दुर्घटना, अचानक बेहोशी या सांस और दिल से जुड़ी गंभीर आपात स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे समय में घबराने के बजाय प्रशिक्षित तरीके से सहायता पहुंचाना किसी व्यक्ति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है.

अब स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं तक पहुंचेगा मिशन

संस्था के संस्थापक ने कहा कि समय पर दी गई प्राथमिक सहायता किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. यही वजह है कि ‘लाइफ सेविंग कैंपेन’ को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा. अभियान को स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों के बीच ले जाने की योजना है, ताकि जीवन बचाने की यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे.

कार्यक्रम में डॉ. मनीष, ब्रह्मदयाल, मोतीलारी, सोमरिया, ममता, सुनीता, अरुण सिंह, नसीम, राहुल, दीपक, सिम्पी, सलीमुन, प्रिया और फुलवंती सहित संस्था के अनेक सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

बक्सर में अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि इलाज कहां मिलेगा... सवाल यह भी है कि मदद पहुंचने तक जिंदगी बचाने का पहला कदम कौन उठाएगा?













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