24 घंटे से अंधेरे में 50 घर, ट्रांसफार्मर फुंका तो अधिकारियों ने फोन उठाना किया बंद ..

स्थानीय लोगों की पहल पर मानव बल मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी वहीं से बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन न तो कार्यपालक अभियंता, न सहायक अभियंता और न ही कनीय अभियंता ने फोन उठाया.



                             


  • रविवार दोपहर से बाधित है बिजली आपूर्ति, सोमवार रात तक नहीं लौटी रोशनी
  • स्थानीय लोगों ने लगाया अधिकारियों और कर्मचारियों पर फोन नहीं उठाने का आरोप

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर के सोहनी पट्टी इलाके में हरि जी के अस्पताल के समीप लगे विद्युत ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से आसपास के लगभग 50 घरों की बिजली आपूर्ति पिछले 24 घंटे से ठप है. रविवार दोपहर करीब 3 बजे ट्रांसफार्मर तेज आवाज के साथ बंद हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके में अंधेरा छा गया. सोमवार रात 9 बजे तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद बिजली कंपनी के छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों और अभियंताओं को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया. इससे लोगों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी रही कि आखिर बिजली कब तक बहाल होगी.

स्थानीय निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव तथा अन्य लोगों ने बताया कि ट्रांसफार्मर बंद होने के बाद स्थानीय लोगों की पहल पर मानव बल मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी वहीं से बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन न तो कार्यपालक अभियंता, न सहायक अभियंता और न ही कनीय अभियंता ने फोन उठाया.

रविवार की पूरी रात लोगों को अंधेरे में गुजारनी पड़ी. सोमवार को भी दिनभर बिजली बहाल करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिखी. शाम के समय खराब ट्रांसफार्मर को खोलकर ले जाया गया, लेकिन सोमवार रात 10 बजे तक नया ट्रांसफार्मर तो लगाया गया लेकिन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही. रात 10:48 बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी.

बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और भीषण गर्मी के बीच दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी से अविलंब नया ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है.

वहीं, इस मामले में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के स्थानीय कार्यपालक अभियंता शिव सूर्यकुमार सिंह से उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किए जाने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका.













Post a Comment

0 Comments