आदित्य रंजन को उनकी ऐतिहासिक सफलता के लिए डॉक्टर के पेशे का प्रतीक स्टेथोस्कोप, माँ सरस्वती की प्रतिमा तथा आकर्षक उपहार भेंट किए गए. विद्यालय परिवार ने इसे एक सफल चिकित्सक बनने की दिशा में उनके पहले ऐतिहासिक कदम का सम्मान बताया.
- NEET UG 2026 में आदित्य रंजन की ऐतिहासिक सफलता पर हेरिटेज स्कूल में जश्न
- बेटे के सामने पिता का सम्मान बना समारोह का सबसे यादगार पल
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: कभी-कभी एक रिजल्ट सिर्फ अंक नहीं लाता, बल्कि पूरे शहर को गर्व करने की वजह दे जाता है. ऐसा ही पल तब देखने को मिला जब हेरिटेज स्कूल, अर्जुनपुर के छात्र आदित्य रंजन ने NEET UG 2026 में अखिल भारतीय 141वीं रैंक हासिल कर नया इतिहास रच दिया. इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय परिसर तालियों, मुस्कान और भावुक पलों से गूंज उठा.
सबसे खास दृश्य तब बना जब मंच पर पहले आदित्य के पिता सुरेन्द्र महतो को सम्मानित किया गया और बेटा सामने बैठकर वह पल देखता रहा. विद्यालय के निदेशक डॉ प्रदीप पाठक और प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक ने अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर पिता का अभिनंदन किया. बेटे की उपलब्धि पर पिता का सम्मान होते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा और माहौल भावुक हो गया.
स्टेथोस्कोप के साथ मिला सपनों को उड़ान देने वाला सम्मान
इसके बाद आदित्य रंजन को उनकी ऐतिहासिक सफलता के लिए डॉक्टर के पेशे का प्रतीक स्टेथोस्कोप, माँ सरस्वती की प्रतिमा तथा आकर्षक उपहार भेंट किए गए. विद्यालय परिवार ने इसे एक सफल चिकित्सक बनने की दिशा में उनके पहले ऐतिहासिक कदम का सम्मान बताया.
पिता की आंखों में छलका गर्व
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सुरेन्द्र महतो अपने पुत्र की इस उपलब्धि पर भावुक नजर आए. बेटे की मेहनत और सफलता को देखकर उनके चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था. समारोह में मौजूद लोगों ने भी इस पल को लंबे समय तक याद रखने योग्य बताया.
हेरिटेज स्कूल के लिए भी बना गौरव का अवसर
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि आदित्य रंजन की सफलता केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा है. उनकी मेहनत आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने का हौसला देगी. समारोह के दौरान शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने आदित्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं.





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