19 जुलाई की रात ममता देवी और अरविंद कुमार ने योजनाबद्ध तरीके से वीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी. पुलिस का दावा है कि गड़ासी से उसकी हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया.
- जिस दोस्त पर आंख मूंदकर भरोसा करता था वीरेंद्र, उसी का पत्नी से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
- 19 जुलाई की रात खूनी खेल, 21 को नहर में मिला शव, सीडीआर ने खोला राज; पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : दोस्ती, प्यार और फिर कत्ल... बासुदेवा थाना क्षेत्र में सामने आई इस खौफनाक कहानी ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है. जिस दोस्त पर वीरेंद्र सिंह को सबसे ज्यादा भरोसा था, वही कथित तौर पर उसकी पत्नी के साथ प्रेम संबंध में था. पुलिस के अनुसार, जब पति दोनों के रिश्ते के बीच दीवार बन गया तो पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. 19 जुलाई की रात गड़ासी से हत्या की गई और पहचान मिटाने के लिए शव को नग्न कर नहर में फेंक दिया गया.
नहर में मिला नग्न शव और शुरू हुई मर्डर मिस्ट्री
21 जुलाई की सुबह डुमरांव नहर लाइन मार्ग पर कुलमनपुर गांव के समीप नहर में एक नग्न शव तैरता मिला. शव किसका है? हत्या क्यों हुई? कातिल कौन है? इन सवालों ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और पहचान के लिए सोशल मीडिया व समाचार पत्रों की मदद ली. दो दिन बाद 23 जुलाई को मृतक के परिजन बासुदेवा थाना पहुंचे और शव की पहचान रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र के डेरा चांदी गांव निवासी वीरेंद्र सिंह के रूप में की.
लेकिन असली कहानी तो इसके बाद खुलनी शुरू हुई.
‘दोस्त’ के घर आने-जाने से शुरू हुई थी कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि वीरेंद्र सिंह और अरविंद कुमार के बीच गहरी दोस्ती थी. दोनों साथ में खेती-बाड़ी का काम करते थे. एक-दूसरे के घर आना-जाना था. वीरेंद्र को अपने दोस्त पर इतना भरोसा था कि पत्नी को लाने-ले जाने के लिए भी कई बार अरविंद को भेज देता था.
पुलिस के मुताबिक, इसी आवाजाही के दौरान करीब आठ महीने पहले वीरेंद्र की पत्नी ममता देवी और अरविंद कुमार के बीच नजदीकियां बढ़ीं. धीरे-धीरे दोस्ती ने कथित प्रेम संबंध का रूप ले लिया.
प्यार में पति बना ‘सबसे बड़ा रोड़ा’
जांच के अनुसार, ममता और अरविंद एक-दूसरे के साथ शादी करना चाहते थे. जब वीरेंद्र को दोनों के संबंधों की भनक लगी तो घर में विवाद शुरू हो गया. पुलिस का दावा है कि इसके बाद दोनों ने वीरेंद्र को अपनी राह से हटाने की साजिश रची.
यानी जिस घर में पति अपनी पत्नी और दोस्त पर भरोसा कर रहा था, उसी घर की चारदीवारी के भीतर उसके खिलाफ कथित तौर पर मौत की पटकथा लिखी जा रही थी.
19 जुलाई की रात... गड़ासी चली और खत्म हो गई जिंदगी
पुलिस के अनुसंधान के मुताबिक, 19 जुलाई की रात ममता देवी और अरविंद कुमार ने योजनाबद्ध तरीके से वीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी. पुलिस का दावा है कि गड़ासी से उसकी हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया.
इतना ही नहीं, पुलिस के अनुसार पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को नग्न कर नहर में बहाया गया.
सीडीआर ने खोला राज, शक की सुई पत्नी और प्रेमी पर जाकर रुकी
वीरेंद्र के भाई जितेंद्र सिंह के बयान पर बासुदेवा थाना कांड संख्या 94/26 दर्ज किया गया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया.
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाला गया. पुलिस के अनुसार, जांच की कड़ियां धीरे-धीरे वीरेंद्र की पत्नी ममता देवी और उसके प्रेमी अरविंद कुमार तक पहुंच गईं.
इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
पुलिस ने बरामद किए हत्या के ‘राज’
दोनों आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल गड़ासी, टीवीएस मोटरसाइकिल, एक एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड फोन और अन्य सामान बरामद किया है.
बासुदेवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान ने बताया कि दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
दोस्ती पर ऐसा दाग, जिसे गांव शायद ही भूल पाए
वीरेंद्र और अरविंद की दोस्ती अब इस हत्याकांड की सबसे दर्दनाक कड़ी बन गई है. जिस व्यक्ति को वीरेंद्र अपना करीबी दोस्त मानता था, पुलिस के मुताबिक वही उसकी पत्नी के साथ कथित प्रेम संबंध में था.
पुलिस की कहानी के मुताबिक, भरोसे की यही डोर आखिरकार वीरेंद्र की मौत का कारण बन गई. एक तरफ पत्नी का कथित प्रेम संबंध और दूसरी तरफ दोस्त का विश्वासघात... दोनों के बीच फंसी जिंदगी का अंत नहर में मिला.
मां जेल में, पिता की हत्या... तीन मासूमों का क्या होगा?
इस हत्याकांड का सबसे दर्दनाक पहलू तीन मासूम बच्चे हैं. वीरेंद्र अपने पीछे दो पुत्रियों और एक छोटे पुत्र को छोड़ गए हैं.
पिता की हत्या हो चुकी है और मां हत्या के आरोप में जेल पहुंच गई है. ऐसे में तीनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है. अब उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी चाचा जितेंद्र सिंह के कंधों पर आ गई है.
घटना के बाद गांव में मातम पसरा है. लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि आखिर जिस दोस्त को परिवार का सदस्य समझा गया, वही इतनी बड़ी साजिश का हिस्सा कैसे बन गया.
नहर में मिला एक नग्न शव... फिर सामने आई दोस्ती, प्रेम और कत्ल की ऐसी कहानी, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया.






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