अब कागज नहीं, डिजिटल तरीके से पहुंचेगा समन! नवनियुक्त लिपिकों को सिखाई गई ई-समन की बारीकी ..

नवनियुक्त लिपिकों को न्यायालयीय प्रक्रिया में ई-समन के इस्तेमाल, उसकी बारीकियों और बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल माध्यम से समन जारी करने की प्रक्रिया को व्यवहारिक तरीके से समझाया गया.






                             



- सीआईएस 4.0 में गवाहों को क्रमिक तिथियों पर ई-समन जारी करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण
- डिजिटल न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सिविल कोर्ट, बक्सर में न्यायिक कार्यों को डिजिटल तकनीक से और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में नवनियुक्त अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया. न्यायालय परिसर स्थित 16 कोर्ट बिल्डिंग के कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित प्रशिक्षण में लिपिकों को सीआईएस 4.0 प्रणाली के माध्यम से गवाहों को अलग-अलग तिथियों पर ई-समन जारी करने की प्रक्रिया समझाई गई.

ई-समन की बारीकियों से कराया गया रुबरु

सिस्टम ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने नवनियुक्त लिपिकों को न्यायालयीय प्रक्रिया में ई-समन के इस्तेमाल, उसकी बारीकियों और बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल माध्यम से समन जारी करने की प्रक्रिया को व्यवहारिक तरीके से समझाया गया, ताकि न्यायालय के कामकाज में तकनीक का इस्तेमाल अधिक सहज और प्रभावी हो सके.

समय की बचत के साथ बढ़ेगी पारदर्शिता

प्रभारी प्रशासन न्यायालय राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सीआईएस 4.0 प्रणाली के जरिए ई-समन जारी करने की प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है. डिजिटल माध्यम से समन जारी होने से न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से न्यायालयीय कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान लिपिक संजय कुमार के साथ अविनाश कुमार, अभिषेक, सोनम, कहकशां परवीन, राहुल, दीक्षित, सोनिका, चंदन, राजेश, प्रिया, रचिता, साक्षी, ऋचा, आशुतोष, गुड्डू, मणिराज, गौरव, आरती आदि उपस्थित रहे.












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