बक्सर में गूँजी 'जय कन्हैया लाल की': श्रीमद्भागवत कथा में झूम उठे श्रद्धालु ..

कहा कि भगवान का अवतार केवल अधर्म के नाश के लिए ही नहीं, बल्कि भक्तों में निष्कपट प्रेम, सरलता और समर्पण का भाव जगाने के लिए हुआ है.






  


दशम स्कंध की कथा में कथाव्यास श्री श्याम चरण दास जी महाराज ने बताया श्रीकृष्ण अवतार का मर्म

माखन चोरी और बाल लीलाओं के प्रसंग पर पुष्पवर्षा और जयकारों से गुंजायमान हुआ कथा पंडाल

बक्सर टॉप न्यूज,  बक्सर : श्री सीताराम विवाह महोत्सव स्थल, नया बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला. पूज्य श्री मामाजी महाराज के शिष्य कथाव्यास श्री श्याम चरण दास जी महाराज के श्रीमुख से जब भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य और उनकी बाल लीलाओं का वर्णन शुरू हुआ, तो संपूर्ण पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया.

दशम स्कंध है श्रीमद्भागवत का 'हृदय'

कथा की शुरुआत श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध की मंगलमयी चर्चा से हुई. कथाव्यास श्री श्याम चरण दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि दशम स्कंध समस्त श्रीमद्भागवत का हृदय माना जाता है. इसमें भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य, उनकी अलौकिक लीलाओं और भक्तों पर उनकी असीम कृपा का सुंदर संगम है. उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार केवल अधर्म के नाश के लिए ही नहीं, बल्कि भक्तों में निष्कपट प्रेम, सरलता और समर्पण का भाव जगाने के लिए हुआ है.

गोकुल उत्सव और बाल लीलाओं से भाव-विभोर हुए भक्त

महाराज श्री ने कंस के कारागार में प्रभु के दिव्य प्राकट्य से लेकर वसुदेव जी द्वारा उफनती यमुना पार कर उन्हें गोकुल पहुँचाने का बड़ा ही सजीव वर्णन किया. इसके बाद पूतना उद्धार, शकटासुर वध, तृणावर्त वध, माखन चोरी और ग्वाल-बालों के साथ प्रभु की निश्छल लीलाओं का प्रसंग सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे. पूरा परिसर "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयघोष से गूँज उठा.

"भगवान की बाल लीलाएँ हमें निष्कपट प्रेम, सरलता और पूर्ण समर्पण का संदेश देती हैं. जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से इस कथा का श्रवण करता है, उसे मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है."

— पूज्य श्री श्याम चरण दास जी महाराज

महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ नंदोत्सव

कथा के उपरांत भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया. श्रद्धालुओं ने भजनों की मधुर तान पर नृत्य किया, आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर नंदोत्सव की खुशियाँ बांटीं. कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया.














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