गुरु पूर्णिमा पर भक्ति में डूबा बक्सर, श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ..

कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर से जोड़ने का दिव्य मार्ग है. इसके नियमित श्रवण से मनुष्य के जीवन में शांति, सद्बुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का संचार होता है तथा जीवन सार्थक बनता है.

 





                             


  • कथा में भक्ति, सत्संग और धर्म का मिला दिव्य संदेश
  • भजन-कीर्तन से गूंजा कथा पंडाल, श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर  : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नया बाजार स्थित श्री सीताराम विवाह महोत्सव स्थल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ. कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया. 

महंत  राजाराम शरण दास के निर्देशन में आयोजित इस कथा में श्री नारायण दास भक्तमाली (श्री मामा जी महाराज), बक्सर वाले के परम शिष्य पूज्य श्याम चरण दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया. उन्होंने भगवान के दिव्य स्वरूप, भक्ति की महिमा तथा मानव जीवन में धर्म, सदाचार और सत्संग के महत्व का सरल एवं मार्मिक वर्णन किया.

श्रीमद्भागवत को बताया जीवन का पथप्रदर्शक

कथा के दौरान महाराज श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर से जोड़ने का दिव्य मार्ग है. इसके नियमित श्रवण से मनुष्य के जीवन में शांति, सद्बुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का संचार होता है तथा जीवन सार्थक बनता है.

भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण

कथा के दौरान भजन-कीर्तन, भगवान के जयघोष और श्रद्धालुओं की भावपूर्ण सहभागिता से पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद और पुण्य लाभ प्राप्त किया.

श्रद्धालुओं से की गई अपील

आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन समय से कथा स्थल पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने की अपील की. उन्होंने कहा कि धर्म, भक्ति और सत्संग के माध्यम से जीवन को मंगलमय एवं संस्कारवान बनाया जा सकता है.













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