एक पूर्व सैनिक की अपने ही सहकर्मी के हाथों हुई हत्या कई सवाल खड़े कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जाएगी.
- चतरा एसपी आवास के बाहर चली गोली, बक्सर के पूर्व असम राइफल्स जवान की मौत
- बेलागंज विधायक के पुत्र के निजी अंगरक्षक थे अतुल कुमार सैनी
- सहकर्मी बॉडीगार्ड ने विवाद के बाद मारी गोली, आरोपी हथियार सहित गिरफ्तार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : झारखंड के चतरा से मंगलवार को आई एक दर्दनाक खबर ने बक्सर के पुराना भोजपुर गांव को गहरे सदमे में डाल दिया. पूर्व असम राइफल्स जवान और बेलागंज विधायक के पुत्र के निजी अंगरक्षक अतुल कुमार सैनी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गोली किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके साथ ड्यूटी कर रहे सहकर्मी निजी अंगरक्षक ने ही चलाई. घटना के बाद गांव में मातम पसर गया, जबकि पुलिस ने आरोपी को मौके से हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के अनुसार पुराना भोजपुर निवासी अतुल कुमार सैनी कुछ वर्ष पहले असम राइफल्स की नौकरी छोड़ने के बाद गया जिले के बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक मनोरमा देवी के पुत्र रॉकी यादव उर्फ विनीत यादव के निजी अंगरक्षक के रूप में कार्यरत थे. मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे रॉकी यादव किसी कार्य से चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेश नाथवानी से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे थे. इस दौरान अतुल कुमार सैनी और उनके सहकर्मी अंगरक्षक बलविंदर सिंह आवास के बाहर वाहन में मौजूद थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते उग्र विवाद में बदल गई. आरोप है कि गुस्से में आए बलविंदर सिंह ने अपना सर्विस हथियार निकालकर अतुल कुमार सैनी पर गोली चला दी. गोली लगते ही अतुल जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. फायरिंग की आवाज सुनते ही एसपी आवास पर तैनात पुलिसकर्मी दौड़ पड़े और आरोपी को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. प्रारंभिक जांच में दोनों अंगरक्षकों के बीच आपसी विवाद की बात सामने आई है, हालांकि हत्या की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
गांव पहुंची मौत की खबर, हर आंख हुई नम
अतुल कुमार सैनी की मौत की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पुराना भोजपुर पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. उनके घर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
अतुल एक शिक्षित और सम्मानित परिवार से थे. उनके पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी एलआईसी में अभिकर्ता हैं, जबकि उनकी मां उषा देवी वर्ष 2006 से 2011 तक पुराना भोजपुर पंचायत की सरपंच रह चुकी थीं. तीन भाइयों और एक बहन में अतुल दूसरे स्थान पर थे. बड़े भाई अमन कुमार सैनी हैं, छोटे भाई अक्षय कुमार सैनी पटना के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, जबकि सबसे छोटी बहन साक्षी सैनी की हाल ही में शादी हुई है.
डेढ़ साल की बेटी के सिर से उठ गया पिता का साया
करीब तीन वर्ष पहले अतुल कुमार सैनी का विवाह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सहतवार निवासी निक्की कुमारी से हुआ था. उनकी डेढ़ वर्ष की मासूम बेटी माही कुमारी है. अतुल अपनी पत्नी और बेटी के साथ गया के एपी कॉलोनी स्थित किराये के मकान में रहते थे. घटना की जानकारी मिलते ही उनके पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी गया के लिए रवाना हो गए.
इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पुराना भोजपुर बल्कि पूरे बक्सर जिले को झकझोर दिया है. एक पूर्व सैनिक की अपने ही सहकर्मी के हाथों हुई हत्या कई सवाल खड़े कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जाएगी.





.png)









0 Comments