दावा है कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर पता चला कि संबंधित बैटरी पहले ही किसी अन्य ग्राहक के नाम पर बेची जा चुकी थी. उनका आरोप है कि पुरानी और खराब बैटरी को दोबारा तैयार कर नई बताकर उन्हें बेच दिया गया.
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| उपभोक्ता आयोग, बक्सर |
- क्यूआर कोड स्कैन करने पर सामने आया पहले बिक्री का रिकॉर्ड
- 4 लाख रुपये क्षतिपूर्ति, बैटरी की कीमत वापसी और वाद खर्च की मांग
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नई बताकर कथित रूप से सेकंड हैंड बैटरी बेचने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने बैटरी निर्माता कंपनी लिवगार्ड और स्थानीय विक्रेता लक्ष्मी बैटरी के खिलाफ नोटिस जारी किया है. आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों से जवाब मांगा है.
परिवादी के अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि शहर के मेन रोड निवासी प्रवीण कुमार पांडे ने लक्ष्मी बैटरी दुकान से 12,500 रुपये में 12 वोल्ट की बैटरी खरीदी थी. खरीदारी के महज दो-तीन दिन बाद ही बैटरी में खराबी आने लगी. इससे संदेह होने पर उन्होंने बैटरी पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया.
परिवादी का दावा है कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर पता चला कि संबंधित बैटरी पहले ही किसी अन्य ग्राहक के नाम पर बेची जा चुकी थी. उनका आरोप है कि पुरानी और खराब बैटरी को दोबारा तैयार कर नई बताकर उन्हें बेच दिया गया.
अधिवक्ता के अनुसार, मामले में 13 मई को कंपनी और विक्रेता को विधिक नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया गया.
सेवानिवृत्त न्यायाधीश सह जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह तथा सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए विपक्षी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.
परिवादी ने आयोग से 4 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति, बैटरी की 12,500 रुपये कीमत वापस कराने तथा 25 हजार रुपये वाद खर्च दिलाने की मांग की है. मामले में अब नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की सुनवाई होगी.





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