दावा है कि विवादित जमीन पर लंबे समय से उनका कब्जा है और वहां खेती-बाड़ी होती रही है. परिजनों के अनुसार, वर्ष 1990 से जमीन की रसीद भी उनके नाम से कटती आ रही है.
- नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा देने की मांग, जमीन विवाद को लेकर प्रशासन पर भी सवाल
- परिजनों का दावा- सीसीटीवी में निहत्थे सरपंच की पिटाई कैद, फुटेज की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुड़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की हत्या के बाद मामला अब सुरक्षा और गिरफ्तारी की मांग तक पहुंच गया है. मृतक के परिजनों ने नामजद आरोपितों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस-प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई है. मृतक के बेटे और मामले के सूचक अखिलेश सिंह उर्फ अखिलेश कुमार ने पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि हत्या के बाद भी परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं.
अखिलेश सिंह के अनुसार, 16 जुलाई को उनके पिता सुभाष सिंह की हत्या कर दी गई थी. घटना के दौरान उनके और छोटे भाई विन्टेश कुमार के साथ भी जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें दोनों घायल हुए थे. उन्होंने बताया कि मामले में इटाढ़ी थाना कांड संख्या 138/26 दर्ज है. परिजनों का कहना है कि अब नामजद आरोपितों के साथ घूमने वाले स्थानीय अपराधियों से भी परिवार को खतरा बना हुआ है.
जमीन पर कब्जे की कोशिश का भी आरोप
मृतक के परिजनों राजेश कुमार सिंह और शैलेश कुमार सिंह ने जमीन विवाद को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि विवादित जमीन पर लंबे समय से उनका कब्जा है और वहां खेती-बाड़ी होती रही है. परिजनों के अनुसार, वर्ष 1990 से जमीन की रसीद भी उनके नाम से कटती आ रही है.
परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अंचल स्तर पर विपक्षी पक्ष को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि विपक्षियों से जमीन से संबंधित कागजात तक नहीं मांगे जा रहे हैं. शैलेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि करीब एक साल से अधिक समय से अंचलाधिकारी की ओर से मृतक सरपंच का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया था.
सीसीटीवी फुटेज को बताया अहम साक्ष्य
परिजनों ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को मामले की जांच में अहम साक्ष्य बताया है. शैलेश कुमार सिंह का दावा है कि फुटेज में सरपंच निहत्थे दिखाई दे रहे हैं और उनके साथ मारपीट की घटना साफ नजर आ रही है. उन्होंने प्रशासन की ओर से मृतक पक्ष पर भी मारपीट और गोलीबारी किए जाने की कथित बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच से घटना की वास्तविकता सामने आ सकती है.
परिजनों ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कर उसकी वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराने तथा उसे केस का अहम साक्ष्य बनाने की मांग की है. साथ ही नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी, सूचक और गवाहों की सुरक्षा तथा परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.
डीजीपी-डीआईजी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजने की तैयारी
परिजनों का कहना है कि सरपंच की हत्या के बाद परिवार पहले से ही सदमे में है. इसके बाद कथित धमकियों से घर के लोगों में भय का माहौल है. उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा को लेकर वे डीजीपी, डीआईजी और मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजेंगे. परिजनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की है.
एसडीपीओ बोले- चार गिरफ्तार, तीन ने किया आत्मसमर्पण
इस मामले में बक्सर के एसडीपीओ गौरव पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले ही दिन चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पुलिस की लगातार छापेमारी के दबाव में तीन अन्य लोगों ने भी आत्मसमर्पण किया है. उन्होंने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है.






.png)









0 Comments