धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को पूर्व विधायक ने बताया ऐतिहासिक फैसला, कहा - अभी तो ये शुरुआत ..

कहा कि यह इस्तीफा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सरकार अपनी नाकामियों को लेकर घबराई हुई है और जनाक्रोश से पूरी तरह डर गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार जनता की राय जाने बिना फैसले थोपने की कोशिश करती रही है.






                             



- छात्र आंदोलन के समर्थन में बक्सर में किया गया था प्रदर्शन
- विधायक ने कहा यह आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं 

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है. पूर्व विधायक ने साफ किया है कि यह इस आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं है. इस जीत से संतुष्ट होकर आंदोलनकारी रुकने वाले नहीं हैं, बल्कि आगे भी कई गंभीर मुद्दों को उठाया जाएगा.

पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने इस मौके पर सभी छात्र संगठनों और आंदोलनकारियों का आभार जताते हुए उन्हें एकजुट रहने और आगे की लड़ाई जारी रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह जीत जनता की एकजुटता का नतीजा है और आगे भी हर अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती रहेगी. पूर्व विधायक ने कहा कि यह इस्तीफा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सरकार अपनी नाकामियों को लेकर घबराई हुई है और जनाक्रोश से पूरी तरह डर गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार जनता की राय जाने बिना फैसले थोपने की कोशिश करती रही है, जो सीधे तौर पर देश की जनता के साथ एक बड़ा धोखा है.

गौरतलब है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन बीते कई दिनों से लगातार तेज होता जा रहा था, जिसके बाद इस्तीफा सौंपते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और शिक्षा व्यवस्था पर किसी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए. पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारी इस सफलता से संतुष्ट होकर रुकने वाले नहीं हैं, बल्कि आने वाले दिनों में कई और गंभीर मुद्दों को देश और जनता के सामने पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा.

पूर्व विधायक ने आगामी रणनीतियों का खुलासा करते हुए कुछ प्रमुख समस्याओं को विशेष रूप से उठाया, जिन पर आने वाले दिनों में सरकार को घेरा जाएगा, जिसमें पेट्रोल में मिलावट का मुद्दा, रसोई गैस की आसमान छूती महंगाई और बिहार में 57 लाख लोगों के राशन कार्ड से नाम काटे जाने का मामला शामिल है. डॉ. सिंह ने अंत में दो टूक कहा कि देश की आम जनता अब पूरी तरह जाग चुकी है और लगातार बढ़ते जनदबाव के आगे आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा.












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