वीडियो के सत्यापन में प्रथम दृष्टया ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई है. मामले को लेकर पुलिस आगे भी जांच कर रही है.

- ओम पाण्डेय हत्याकांड से जुड़े वीडियो के सत्यापन के बाद नगर थाना में दर्ज हुआ मामला
- सोशल मीडिया पर वायरल था सुरेंद्र यादव नामक युवक का वीडियो
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर नगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक के विरुद्ध हत्या जैसे गंभीर अपराध के लिए कथित रूप से उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि वीडियो के सत्यापन में प्रथम दृष्टया ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई है. मामले को लेकर पुलिस आगे भी जांच कर रही है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई को नगर थानाध्यक्ष के निर्देश पर इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक वायरल वीडियो का सत्यापन कराया गया. यह वीडियो surendra_yadav_505 नामक इंस्टाग्राम आईडी से साझा किया गया था. जांच की जिम्मेदारी नगर थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक संजय गुप्ता को सौंपी गई थी.
स्थानीय लोगों ने की पहचान
सत्यापन के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे सफेद शर्ट पहने व्यक्ति की पहचान स्थानीय लोगों ने सुरेन्द्र यादव के रूप में की. पुलिस का दावा है कि वीडियो में वह नगर थाना क्षेत्र के चर्चित ओम पाण्डेय हत्याकांड के संदर्भ में ऐसी बातें कहते हुए सुनाई दे रहा है, जिन्हें हत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए उकसाने और अपराध करने के लिए प्रेरित करने की श्रेणी में माना गया है.
चार जुलाई को मिला था शव
पुलिस अभिलेख के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को नगर थाना क्षेत्र के गोरैय बाबा स्थान, छोटकी सारिमपुर के समीप एक युवक का शव बरामद हुआ था. बाद में उसकी पहचान ओम पाण्डेय, पिता कमलेश पाण्डेय, निवासी चासी, थाना नारायणपुर, जिला आरा के रूप में हुई थी. इस घटना के संबंध में पहले से हत्या का मामला दर्ज है और उसकी जांच चल रही है.
आवेदन के आधार पर दर्ज हुआ केस
सहायक अवर निरीक्षक संजय गुप्ता ने जांच के बाद थानाध्यक्ष को लिखित प्रतिवेदन सौंपते हुए सुरेन्द्र यादव तथा संबंधित इंस्टाग्राम आईडी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया. इसके बाद नगर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया.
तकनीकी साक्ष्य भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब वायरल वीडियो की तकनीकी जांच के साथ-साथ उसके प्रसारण, सामग्री और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील आपराधिक मामले में भड़काऊ अथवा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचें, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.




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