रेलवे क्रॉसिंग बंद... जनता का पारा हाई! धरने पर बैठा मोर्चा, अब ‘रेल रोको’ की चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप ..

चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो ‘रेल रोको अभियान’ शुरु किया जाएगा. यानी मामला अब धरने से आगे बढ़कर रेलवे परिचालन बाधित करने तक पहुंच सकता है. 






                             


  • रास्ता बंद तो बढ़ी मुश्किलें, स्कूली बच्चों से लेकर राहगीरों तक सब परेशान, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरु
  • आंदोलनकारियों का अल्टीमेटम- समस्या नहीं सुलझी तो सड़क नहीं, सीधे रेलवे ट्रैक पर होगा बड़ा आंदोलन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : रेलवे क्रॉसिंग बंद हुई तो परेशानी बढ़ी और अब यही परेशानी आंदोलन की चिंगारी बनती नजर आ रही है. बक्सर में रेलवे क्रॉसिंग बंद किए जाने और लोगों के लिए समुचित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने के विरोध में दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है. मोर्चा की ओर से सरोज राजभर के नेतृत्व में अश्चितकालीन धरना दोबारा शुरू कर प्रशासन को साफ संदेश दिया गया है कि जनता की परेशानी को अब ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के बाद इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक रोजमर्रा के काम से लेकर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पहले जिस रास्ते से लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे, अब उन्हें वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे दूरी भी बढ़ रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है.

क्रॉसिंग बंद, लेकिन विकल्प कहां?

आंदोलनकारियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर रेलवे क्रॉसिंग को बंद किया गया है तो लोगों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? उनका कहना है कि किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है. रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के बाद पैदा हुई स्थिति ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है.

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि यह महज रास्ते का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा सवाल है. स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और आम राहगीरों को होने वाली परेशानी का समाधान तत्काल किया जाना चाहिए.

अब आर-पार के मूड में आंदोलनकारी!

धरने के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी भी दे दी है. उनका कहना है कि यदि जल्द ही रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं किया गया और लोगों के लिए बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

वक्ताओं ने यहां तक चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो ‘रेल रोको अभियान’ शुरू किया जाएगा. यानी मामला अब धरने से आगे बढ़कर रेलवे परिचालन बाधित करने तक पहुंच सकता है. आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते जनता की समस्या का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र हो सकता है.

फिलहाल अनिश्चितकालीन धरने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आंदोलनकारियों से बातचीत कर कोई रास्ता निकालता है या फिर रेलवे क्रॉसिंग का विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन खड़ा करता है.

मौके संजय कुमार दूबे उर्फ पप्पू दूबे, विनोद कुमार, कृष्णावती देवी, राम इकबाल ठाकुर, राजकुमार राय, जितेंद्र कुमार, रमाकांत चंद्रवंशी, अजीत कुमार, कमलेश राय, जिला सह-संयोजक दीनानाथ ठाकुर, सूरज क्रांति देवी, व्यास, चंदन तेजस्वी, जगनारायण सिंह, तेज प्रताप सिंह, रामजी पासवान, शंकर राजभर, विनोद कुमार पांडेय, मुन्ना ओझा, मनजी राजभर, कमलेश कुमार राव, सुशील कुमार और लाल बाबू माली सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.













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