दुर्लभ A- रक्त की पुकार पर ब्लड बक्सर की पहल रंग लाई, समय पर मिला जीवनदान ..

कहा कि एक यूनिट रक्त किसी के लिए नई जिंदगी बन सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें, क्योंकि कब किसे रक्त की जरूरत पड़ जाए, यह कोई नहीं जानता.





                             


  • -दुर्लभ रक्त की तलाश खत्म. ब्लड बक्सर की पहल और महिला के महादान से बची मरीज की उम्मीद
  • -समाजसेवा का ऐसा उदाहरण, जिसे जानकर आप भी कहेंगे- रक्तदान सचमुच महादान है

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सदर अस्पताल में भर्ती एक मरीज की जिंदगी उस समय मुश्किल में पड़ गई, जब उसे तुरंत दुर्लभ A- रक्त समूह की जरूरत पड़ी. काफी प्रयास के बाद भी रक्त उपलब्ध नहीं हो रहा था. ऐसे में भाजपा प्रदेश महासचिव मिठाई सिंह और सदर अस्पताल प्रबंधक दुष्यंत कुमार सिंह के आग्रह पर ब्लड बक्सर संस्था सक्रिय हुई.

संस्था के संस्थापक प्रियेश ने समाजसेवी, भाजपा नेता, रेड क्रॉस कार्यकारिणी सदस्य, रोटेरियन एवं पूर्व अध्यक्ष सुमित कुमार मानसिंहका से संपर्क किया. स्थिति की गंभीरता समझते ही उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती अनु मानसिंहका से रक्तदान का आग्रह किया. मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनु मानसिंहका तुरंत रक्तदान के लिए पहुंचीं और दुर्लभ A- रक्त देकर मरीज के इलाज की राह आसान कर दी.

समय पर मिले रक्त से मरीज और उसके परिजनों के चेहरे पर राहत लौट आई. ब्लड बक्सर संस्था ने श्रीमती अनु मानसिंहका को "रक्तवीरांगना" बताते हुए उनके इस महादान के लिए हार्दिक अभिनंदन और आभार व्यक्त किया. संस्था के संस्थापक प्रियेश ने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी के लिए नई जिंदगी बन सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें, क्योंकि कब किसे रक्त की जरूरत पड़ जाए, यह कोई नहीं जानता.













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