धरना में आरा से लेकर बक्सर तक के समिति पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया. प्रदर्शन के दौरान रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया.

- ओवरब्रिज की उच्च स्तरीय जांच की मांग
- रेलवे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला मुख्यालय स्थित इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को तत्काल खोलने और उद्घाटन के महज 48 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त हुए ओवरब्रिज की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर शनिवार को बक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में रेलयात्री कल्याण समिति के बैनर तले विशाल एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. धरना में आरा से लेकर बक्सर तक के समिति पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया. प्रदर्शन के दौरान रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया.
धरना का मुख्य एजेंडा इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को तत्काल खोलना तथा ओवरब्रिज निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करना रहा. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उद्घाटन के महज 48 घंटे के भीतर ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि जब तक जनता को राहत नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ धरना
धरना की अध्यक्षता शाखा महामंत्री सत्येन्द्र नारायण सिंह ने की, जबकि संचालन इमरान खान और वैद्य एस. के. पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष बीजेन्द्र यादव, सचिव पंकज कुमार पटेल, उपाध्यक्ष कामेन्द्र सिंह तथा केंद्रीय कमेटी सदस्य रासबिहारी राय विशेष रूप से मौजूद रहे. धरना के दौरान आरपीएफ, जीआरपी, एसआईबी और सीआईबी के अधिकारी एवं जवान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में तैनात रहे.
जनता की समस्याओं की अनदेखी का आरोप
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे के आला अधिकारी आम लोगों की समस्याओं और तकलीफों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने से बक्सर के हजारों लोगों के सामने त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है. लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है. उन्होंने कहा कि समिति जनता के हितों की इस लड़ाई को अंतिम क्षण तक लड़ती रहेगी.
आंदोलन के अगले चरण की चेतावनी
शाखा संयोजक वीरेंद्र ओझा ने कहा कि यह धरना केवल शुरुआत है. यदि रेलवे प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर रेलवे ट्रैक पर धरना सहित लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि समिति किसी भी कीमत पर जनता की आवाज को दबने नहीं देगी.
सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान
अध्यक्षीय संबोधन में सत्येन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खुलवाने की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी. वहीं दानापुर मंडल के महामंत्री शैलेश ओझा ने कहा कि ओवरब्रिज बंद होने के बाद रेलवे क्रॉसिंग भी बंद है, जिससे आम लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने रेलवे प्रशासन से जनहित में तत्काल रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग की.
सैकड़ों लोगों की रही भागीदारी
धरना प्रदर्शन में अभीषेक महतो, लव कुमार सिंह, शैलेश ओझा, रामबाबू कुशवाहा, हरेराम ठाकुर, रामजी प्रसाद, तौकीर आलम, मो. हाशमी, जयप्रकाश चौबे, मनोज सिंह, मुक्तेश्वर पाण्डेय, अनील सिंह सहित आरा से बक्सर तक के रेलयात्री कल्याण समिति के पदाधिकारी एवं सैकड़ों नागरिक मौजूद रहे. वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर समिति पीछे हटने वाली नहीं है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा.
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