कागज से आजादी... पेपरलेस रजिस्ट्री आते ही थम गई जमीन की रजिस्ट्री, बक्सर में 16 दिन में सिर्फ 12

कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री के जरिए सरकार लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली ठगी से बचाने का प्रयास कर रही है. नई व्यवस्था से एक ही जमीन की दो बार रजिस्ट्री कराने तथा गलत व्यक्ति द्वारा जमीन बेचने जैसी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है.





                             



  • पहले रोज 30 रजिस्ट्री, अब कई दिन कार्यालय में सन्नाटा; डुमरांव में भी 3 अगस्त के बाद सिर्फ 11 रजिस्ट्री
  • आधार आधारित नई व्यवस्था से फर्जीवाड़े और बिचौलियों पर लगाम का दावा, जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जमीन की खरीद-बिक्री के लिए निबंधन कार्यालयों में 3 अगस्त से शुरू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री ने रजिस्ट्री की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. नई व्यवस्था से पहले बक्सर में जहां रोजाना औसतन 30 रजिस्ट्री होती थी, वहीं 3 अगस्त से अब तक महज 12 रजिस्ट्री हो सकी हैं. स्थिति यह है कि मंगलवार को बक्सर निबंधन कार्यालय में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई. हालांकि बुधवार के लिए तीन-चार लोगों ने अपॉइंटमेंट लिया है.

डुमरांव में भी नहीं खुला रजिस्ट्री का खाता

बक्सर की तरह डुमरांव में भी पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री की संख्या में भारी गिरावट आई है. पहले यहां रोजाना करीब 20 रजिस्ट्री होती थीं, लेकिन 3 अगस्त के बाद अब तक सिर्फ 11 रजिस्ट्री हुई हैं. मंगलवार को डुमरांव में भी एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई. बुधवार के लिए दो लोगों ने अपॉइंटमेंट लिया है.

पुराना स्टांप पेपर गया, आधार बना पहचान

अवर निबंधन पदाधिकारी असित कुमार सिंह के मुताबिक पेपरलेस रजिस्ट्री पुरानी व्यवस्था की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित है. अब रजिस्ट्री पुराने स्टांप पेपर पर नहीं हो रही है, लेकिन दस्तावेज की विश्वसनीयता में कोई कमी नहीं आई है. नई व्यवस्था आधार आधारित होने के कारण फर्जी व्यक्ति के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराने की संभावना काफी कम हो गई है.

दलालों की भूमिका खत्म, इसलिए बदला नजारा

असित कुमार सिंह का कहना है कि नई व्यवस्था में बिचौलियों और दलालों की भूमिका लगभग शून्य हो गई है. यही वजह है कि शुरुआत में लोगों को प्रक्रिया समझने में समय लग रहा है. जागरूक लोग अब धीरे-धीरे पेपरलेस रजिस्ट्री की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन आम लोगों के बीच इसके बारे में व्यापक जागरूकता की जरूरत है.

एक जमीन, दो रजिस्ट्री जैसे फर्जीवाड़े पर लगेगा अंकुश

अवर निबंधन पदाधिकारी ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री के जरिए सरकार लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली ठगी से बचाने का प्रयास कर रही है. नई व्यवस्था से एक ही जमीन की दो बार रजिस्ट्री कराने तथा गलत व्यक्ति द्वारा जमीन बेचने जैसी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है. उन्होंने लोगों से अपील की कि नई व्यवस्था को लेकर भ्रमित होने के बजाय इसकी प्रक्रिया को समझें और बिना बिचौलियों के सीधे निबंधन कार्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराएं.

आंकड़ों में बदली तस्वीर

- बक्सर में पहले: औसतन 30 रजिस्ट्री प्रतिदिन
- डुमरांव में पहले: औसतन 20 रजिस्ट्री प्रतिदिन
- 3 अगस्त के बाद बक्सर में: 12 रजिस्ट्री
- 3 अगस्त के बाद डुमरांव में: 11 रजिस्ट्री
- दोनों कार्यालयों में कुल: 23 रजिस्ट्री
- मंगलवार को बक्सर में: 0 रजिस्ट्री
- मंगलवार को डुमरांव में: 0 रजिस्ट्री
- बुधवार के लिए बक्सर में: 3-4 अपॉइंटमेंट
- बुधवार के लिए डुमरांव में: 2 अपॉइंटमेंट












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