सर्पदंश की जानकारी मिलने के बाद कृष्णा को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उत्तर प्रदेश के गहमर स्थित बकस बाबा के पास झाड़-फूंक कराने पहुंच गए. वहां से लौटने के बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई.
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| रोते-बिलखते स्वजन |

- गर्दन के पास सर्पदंश के बाद गहमर ले गए परिजन, हालत बिगड़ने पर बक्सर में कराया इलाज
- स्नेक सेवर ने कहा- समय पर अस्पताल पहुंचते तो बच सकती थी कृष्णा की जान, करैत के डंसने से महिला का बच चुका है जीवन
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुरवा गांव में सर्पदंश के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने से 45 वर्षीय मजदूर कृष्णा राजभर की मौत हो गई. बुधवार की रात सोने के दौरान सांप ने उसे गर्दन के पास डंस लिया था. सांप के काटने की जानकारी होने के बाद भी परिजन पहले उसे झाड़-फूंक कराने के लिए गहमर लेकर चले गए. हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. प्रताप सागर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद कृष्णा को मृत घोषित कर दिया.
बताया गया कि विश्वनाथ राजभर का पुत्र कृष्णा राजभर मजदूरी कर देर शाम घर लौटा था. खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गया. आधी रात के करीब गर्दन के पास कुछ काटने का एहसास होने पर उसकी नींद खुली. उसने कमरे की बत्ती जलाई तो बेड पर सांप दिखाई दिया. इसके बाद घर में अफरातफरी मच गई और परिजनों को सर्पदंश की जानकारी हुई.
अस्पताल के बजाय गहमर पहुंचा दिया
सर्पदंश की जानकारी मिलने के बाद कृष्णा को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उत्तर प्रदेश के गहमर स्थित बकस बाबा के पास झाड़-फूंक कराने पहुंच गए. वहां से लौटने के बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई. शरीर में जहर का असर बढ़ने के साथ ही उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई.
सदर अस्पताल से किया गया रेफर
कृष्णा की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे बक्सर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन उसे प्रताप सागर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.
मौत के बाद भी नहीं छूटा झाड़-फूंक का भरोसा
कृष्णा की मौत की पुष्टि होने के बाद भी परिजन उसे लेकर एक-दो स्थानों पर झाड़-फूंक कराने चले गए. बुधवार की शाम जब शव मोहनपुरवा स्थित घर पहुंचा तो गांव में मातम पसर गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कृष्णा के घर पहुंच गए. पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था.
मजदूरी से चलता था परिवार का खर्च
ग्रामीणों ने बताया कि कृष्णा राजभर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था. उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. कृष्णा की दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र करीब 12 और 8 वर्ष बताई गई है. पिता की मौत के बाद दोनों बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया.
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई की गई.
स्नेक सेवर ने कहा- झाड़-फूंक में समय गंवाना खतरनाक
स्नेक सेवर हरिओम चौबे ने बताया कि सांप के काटने के बाद मरीज को बिना समय गंवाए सरकारी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद जरूरत के अनुसार एंटी-वेनम दिया जाता है. उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक या किसी अन्य तरीके से सर्पदंश का इलाज नहीं हो सकता. समय पर अस्पताल पहुंचने से मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
हरिओम चौबे ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक महिला को करैत सांप ने डंस लिया था. परिजन उसे समय रहते अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज मिलने के बाद उसकी जान बच गई. उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद करने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचाएं.





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