275 नए इंजीनियरों की एंट्री से गूंजा कैंपस, 5 दिन चलेगा ‘Welcome to Engineering’ मिशन ..

इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में सिर्फ क्लासरूम की जानकारी ही नहीं दी जाएगी. विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन, करियर काउंसलिंग, विशेषज्ञ व्याख्यान, कैंपस और सुविधाओं का भ्रमण, विभिन्न कैंपस गतिविधियां और विद्यार्थी संवाद जैसे कार्यक्रम भी होंगे.

 





                             

  • दीप प्रज्वलन के साथ इंडक्शन-ओरिएंटेशन शुरू, नए छात्रों को पढ़ाई से लेकर करियर तक का मिलेगा पूरा रोडमैप
  • प्राचार्य बोले- कॉलेज के हर अवसर का उठाएं फायदा, डीन ने समझाया पढ़ाई के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने का मंत्र

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, बक्सर में सोमवार को नए सत्र की शुरुआत जोश और उत्साह के साथ हुई. शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अब तक करीब 275 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है. इन नए चेहरों के स्वागत और उन्हें कॉलेज की पढ़ाई, अनुशासन, संसाधनों और गतिविधियों से रूबरू कराने के लिए 10 से 14 अगस्त तक पांच दिवसीय इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू किया गया. पहले ही दिन कॉलेज का ऑडिटोरियम नवप्रवेशित विद्यार्थियों की ऊर्जा और उत्साह से गुलजार नजर आया.

दीप जला, नए सफर का हुआ आगाज

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई. महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रामनरेश राय के साथ सभी फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे. दीप प्रज्वलन के जरिए विद्यार्थियों के ज्ञान, उज्ज्वल भविष्य और इंजीनियरिंग की नई यात्रा के सफल होने की मंगलकामना की गई.

प्राचार्य ने बताया कॉलेज का पूरा ‘रोडमैप’

प्राचार्य प्रो. डॉ. रामनरेश राय ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, बक्सर की शैक्षणिक परंपरा, सुविधाओं, अनुशासन और उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कॉलेज में मिलने वाले हर अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने लक्ष्य के प्रति लगातार समर्पित रहें.

उन्होंने विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि अपने ज्ञान और प्रतिभा को लगातार निखारने के लिए प्रेरित किया.

डीन ने समझाया- इंजीनियरिंग सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं

संस्थान के डीन एकेडमिक एवं सह प्राध्यापक डॉ. श्यामलाल वर्मा ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, कक्षा संचालन, अकादमिक व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और लगातार सीखने की आदत को सफलता की कुंजी बताया.

उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्य, नैतिकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है. विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज और राष्ट्र के हित में करना चाहिए, ताकि वे एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बन सकें.

HODs ने खोला अपने-अपने विभाग का ‘पिटारा’

इसके बाद महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपने-अपने विभाग से परिचित कराया. विभागाध्यक्षों ने विभाग में संचालित पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों, प्रयोगशालाओं, संसाधनों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की.

नए विद्यार्थियों के लिए यह सत्र इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्हें अपने इंजीनियरिंग विभाग की पढ़ाई और भविष्य की संभावनाओं को करीब से समझने का मौका मिला.

परीक्षा को लेकर भी दूर हुआ कन्फ्यूजन

कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक गौरव परमार ने विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी दी. परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा प्रक्रिया, आंतरिक और बाह्य मूल्यांकन, नियम, परिणाम और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया गया. विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं और सवालों का भी समाधान किया गया.

पांच दिन तक चलेगा ‘नए सफर’ का पूरा ओरिएंटेशन

डीन एकेडमिक एवं सह प्राध्यापक डॉ. श्यामलाल वर्मा के निर्देशन में आयोजित इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में सिर्फ क्लासरूम की जानकारी ही नहीं दी जाएगी. विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन, करियर काउंसलिंग, विशेषज्ञ व्याख्यान, कैंपस और सुविधाओं का भ्रमण, विभिन्न कैंपस गतिविधियां और विद्यार्थी संवाद जैसे कार्यक्रम भी होंगे.

लक्ष्य सिर्फ इंजीनियर बनाना नहीं, बेहतर इंसान भी बनाना

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार इंडक्शन कार्यक्रम का मकसद नए विद्यार्थियों को कॉलेज के शैक्षणिक और सामाजिक माहौल से परिचित कराने के साथ उनमें ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है. संस्थान की कोशिश है कि विद्यार्थी इंजीनियरिंग जीवन की शुरुआत आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करें और आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.













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