40 लाख रूपये खर्च कर रेलवे फिर खोलेगा इटाढ़ी क्रॉसिंग! आरओबी की तकनीकी खामी के बीच बड़ी राहत की तैयारी ..

लेकिन आरओबी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद पूरी तस्वीर बदल गई. आरओबी से सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ और दूसरी ओर रेलवे क्रॉसिंग भी बंद रही. इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा.





                             


  • सैद्धांतिक सहमति के बाद रेलवे को मिले मौखिक निर्देश, लिखित आदेश का इंतजार
  • महीनों के आंदोलन और रेल चक्का जाम के बाद खुलने की उम्मीद, पांडेय पट्टी की सड़क से मिलेगी राहत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को लेकर लंबे समय से चल रही जद्दोजहद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. आरओबी में तकनीकी खामी के कारण लोगों को जिस रेलवे क्रॉसिंग के बंद होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, उसे दोबारा खोलने के लिए रेलवे की ओर से प्रक्रिया शुरू करने के मौखिक निर्देश मिलने की बात सामने आई है. खास बात यह है कि रेलवे सूत्रों के अनुसार क्रॉसिंग को दोबारा चालू करने में करीब 40 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है. यानी लोगों को राहत देने के लिए रेलवे अब बंद किए गए फाटक को फिर से चालू करने पर लाखों रुपये खर्च करने की तैयारी में है.

हालांकि रेलवे को अभी तक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. ऐसे में क्रॉसिंग वास्तव में कब खुलेगी, यह औपचारिक आदेश जारी होने और आवश्यक कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

40 लाख रुपये खर्च कर फिर खुलेगा फाटक!

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने के लिए करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. क्रॉसिंग बंद किए जाने के बाद वहां की व्यवस्था को फिर से चालू करने के लिए रेलवे को आवश्यक तकनीकी और संरचनात्मक कार्य कराने होंगे.

यही वजह है कि मामला केवल फाटक खोलने के आदेश तक सीमित नहीं है. रेलवे को इसके लिए जरूरी संसाधन और तकनीकी व्यवस्था भी करनी होगी. सूत्रों के मुताबिक क्रॉसिंग खोलने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मौखिक निर्देश प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन लिखित निर्देश का इंतजार है.

आरओबी से राहत की जगह बढ़ गई परेशानी

इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को आरओबी निर्माण पूरा होने के बाद बंद किया गया था. उस समय उम्मीद थी कि आरओबी के जरिए यातायात सुचारु हो जाएगा और लोगों को रेलवे फाटक पर रुकने की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा.

लेकिन आरओबी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद पूरी तस्वीर बदल गई. आरओबी से सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ और दूसरी ओर रेलवे क्रॉसिंग भी बंद रही. इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा.

लोगों को पांडेय पट्टी की सिंगल सड़क से होकर आवागमन करना पड़ रहा है. इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से गड्ढे, जाम और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ी है. स्कूली वाहनों से लेकर मालवाहक वाहनों तक को इसी रास्ते से गुजरना पड़ रहा है.

सांसद-विधायक के दावे से बढ़ी उम्मीद

हाल ही में सदर विधायक आनंद मिश्र और सांसद सुधाकर सिंह ने दावा किया कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने के लिए सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. इसके बाद क्रॉसिंग खुलने की उम्मीद और मजबूत हुई है.

रेलवे सूत्रों से मौखिक निर्देश मिलने की जानकारी ने इस उम्मीद को और बढ़ा दिया है. हालांकि लिखित आदेश नहीं मिलने के कारण अभी इसे अंतिम रूप से क्रॉसिंग खुलने की तारीख नहीं माना जा सकता.

आंदोलन से रेल चक्का जाम तक... तब जाकर बनी बात?

इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा था. दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सरोज राजभर के नेतृत्व में लगातार आंदोलन किया गया. आंदोलन को कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिला.

मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन के साथ रेल चक्का जाम तक किया गया. आंदोलनकारियों का कहना था कि जब आरओबी से सामान्य आवागमन संभव नहीं है तो लोगों की परेशानी को देखते हुए रेलवे क्रॉसिंग को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दोबारा खोला जाना चाहिए.

अब क्रॉसिंग खोलने की प्रक्रिया शुरू होने की सूचना के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों में खुशी है.

जनता के मन में अब एक ही सवाल- फाटक कब खुलेगा?

सैद्धांतिक सहमति, मौखिक निर्देश और करीब 40 लाख रुपये के संभावित रेलवे खर्च की जानकारी सामने आने के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लिखित आदेश कब जारी होगा और रेलवे क्रॉसिंग पर काम कब शुरू होगा.

लोगों को उम्मीद है कि रेलवे जल्द औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेगा और इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा. यदि ऐसा होता है तो पांडेय पट्टी की सिंगल सड़क पर बढ़ा यातायात दबाव भी कम होगा और हजारों लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है.

फिलहाल 40 लाख रुपये का खर्च, मौखिक निर्देश और लिखित आदेश का इंतजार—इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग की पूरी कहानी अब इन्हीं तीन बिंदुओं के इर्द-गिर्द घूम रही है.













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