जनता परेशान, सांसद-विधायक रील में मस्त! ‘नौटंकी बंद कर काम दिखाइए’—अनिल कुमार

कहा कि जनता को नेताओं की रील नहीं, सड़क पर राहत चाहिए. लोगों को यह जानने में कोई दिलचस्पी नहीं कि किसने किस अधिकारी से बात की और किसके साथ फोटो खिंचवाई. जनता का सीधा सवाल है कि बंद गुमटी कब खुलेगी और आरओबी कब ठीक होगा. 





                             


  • इटाढ़ी गुमटी को लेकर सांसद सुधाकर सिंह और विधायक आनंद मिश्रा पर बहुजन सेना अध्यक्ष का सीधा हमला
  • ‘फोटो खिंचवाने और श्रेय लेने से रास्ता नहीं खुलता, जनता को तारीख चाहिए’

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी रोड की बंद रेलवे गुमटी और क्षतिग्रस्त आरओबी को लेकर बक्सर की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. बहुजन शोषित समाज संघर्ष समिति (बहुजन सेना) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने सांसद सुधाकर सिंह और सदर विधायक आनंद मिश्रा पर बेहद तीखा हमला बोला है. उन्होंने दोनों जनप्रतिनिधियों को ‘रील बाज’ और ‘नौटंकीबाज’ करार देते हुए कहा कि जनता महीनों से परेशान है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच समस्या के समाधान से ज्यादा श्रेय लेने की होड़ दिखाई दे रही है.

अनिल कुमार ने कहा कि जनता को नेताओं की रील नहीं, सड़क पर राहत चाहिए. लोगों को यह जानने में कोई दिलचस्पी नहीं कि किसने किस अधिकारी से बात की और किसके साथ फोटो खिंचवाई. जनता का सीधा सवाल है कि बंद गुमटी कब खुलेगी और आरओबी कब ठीक होगा. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अब बयानबाजी और सोशल मीडिया की राजनीति छोड़कर काम का परिणाम दिखाना चाहिए.

30 मई से बंद गुमटी, 5 जून से आरओबी भी बंद

अनिल कुमार ने कहा कि 30 मई को इटाढ़ी रोड स्थित समपार फाटक संख्या-70 को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया. लोगों को उम्मीद थी कि आरओबी बेहतर विकल्प साबित होगा, लेकिन नवनिर्मित आरओबी के क्षतिग्रस्त होने के बाद 5 जून से वह भी बंद हो गया. नतीजा यह हुआ कि जिस रास्ते से रोज हजारों लोग गुजरते थे, वहां अब लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.

किसान, मजदूर, छात्र... सब भुगत रहे खामियाजा

उन्होंने कहा कि इस रास्ते की समस्या सिर्फ यातायात की समस्या नहीं है, बल्कि इससे आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. किसानों को खेत और बाजार तक पहुंचने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों का समय बर्बाद हो रहा है. स्कूली बच्चों और अन्य यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि जनता की यह परेशानी नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट से खत्म नहीं होगी.

‘सैद्धांतिक सहमति’ से नहीं खुलेगी गुमटी

अनिल कुमार ने सांसद सुधाकर सिंह की ओर से गुमटी खोलने को लेकर सैद्धांतिक अनुमति मिलने की बात पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक सहमति और जमीन पर काम होने में फर्क होता है. जनता अब कागज, बयान और आश्वासन नहीं चाहती. जनता चाहती है कि रेलवे गुमटी वास्तव में खुले और लोग सामान्य तरीके से आवागमन कर सकें.

दिल्ली दौरे पर भी उठाए सवाल, बोले- फोटो से नहीं बदलेगी तस्वीर

विधायक आनंद मिश्रा द्वारा दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे के महाप्रबंधक मनोज कुमार दुबे से मुलाकात कर गुमटी खोलने की मांग रखने की बात पर भी अनिल कुमार ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिल्ली जाकर अधिकारियों से मिलना अच्छी बात है, लेकिन उसका असर बक्सर की सड़क पर दिखाई देना चाहिए. सिर्फ मुलाकात की तस्वीरें सामने आने से जनता की परेशानी कम नहीं होगी.

‘किसने काम कराया’ की लड़ाई छोड़ें, पहले काम कराएं

अनिल कुमार ने कहा कि बक्सर की जनता यह सब देख रही है कि समस्या के समाधान का श्रेय लेने के लिए कौन आगे है. उन्होंने सांसद और विधायक से कहा कि श्रेय लेने की लड़ाई बाद में भी लड़ी जा सकती है, पहले जनता को राहत दीजिए. अगर दोनों जनप्रतिनिधि वास्तव में गंभीर हैं तो उन्हें एक मंच पर आकर रेलवे और सरकार पर दबाव बनाना चाहिए.

‘रील बनाना बंद करें, गुमटी खुलवाने की तारीख बताएं’

बहुजन सेना अध्यक्ष ने कहा कि अब जनता को भाषण नहीं चाहिए. उन्होंने सांसद और विधायक से सवाल करते हुए कहा कि गुमटी कब खुलेगी, इसकी निश्चित तारीख बताइए. आरओबी कब तक ठीक होगा, इसकी समयसीमा बताइए. उन्होंने कहा कि यही जनता के असली सवाल हैं और इनका जवाब सोशल मीडिया की पोस्ट से नहीं, बल्कि काम पूरा करके देना होगा.

आरओबी की हालत पर भी सरकार और रेलवे को घेरा

उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया आरओबी क्षतिग्रस्त होकर बंद पड़ा है, यह अपने आप में गंभीर मामला है. उन्होंने मांग की कि आरओबी के निर्माण में हुई तकनीकी खामियों की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. जनता के पैसे से बने किसी बड़े ढांचे के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को महीनों तक परेशानी झेलना स्वीकार नहीं किया जा सकता.

बक्सर स्टेशन की बदहाली पर भी फूटा गुस्सा

अनिल कुमार ने बक्सर रेलवे स्टेशन की सुविधाओं और पुराने-जर्जर संसाधनों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि बक्सर रेलवे से जुड़ी समस्याओं का सामना लंबे समय से कर रहा है. स्टेशन की यात्री सुविधाओं में सुधार, पुराने संसाधनों को बदलने और यात्रियों को बेहतर व्यवस्था देने की जरूरत है. उन्होंने रेलवे से इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की.

‘जनता सब देख रही है, अगली बार सवाल भी पूछेगी’

अनिल कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि जनता ही उन्हें चुनकर सदन तक भेजती है. उन्होंने कहा कि आज जनता रास्ता खुलने का इंतजार कर रही है और कल वही जनता अपने जनप्रतिनिधियों से हिसाब भी मांग सकती है. इसलिए सांसद और विधायक को एक-दूसरे से आगे निकलने के बजाय जनता की समस्या से आगे निकलने की कोशिश करनी चाहिए.

‘बहुजन सेना भी मैदान में, अधिकारियों से करेगी सीधी बात’

अनिल कुमार ने कहा कि बहुजन सेना इस मुद्दे को लेकर चुप बैठने वाली नहीं है. संगठन की ओर से अधिकारियों से मिलकर गुमटी खोलने और आरओबी के निर्माण/मरम्मत की प्रक्रिया को तेज कराने के लिए पहल की जाएगी. उन्होंने कहा कि बक्सर की जनता को राहत मिलने तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा.

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि रील की राजनीति खत्म हो और रियल काम शुरू हो. जनता को यह फर्क साफ दिखाई देना चाहिए कि कौन सिर्फ बयान दे रहा है और कौन वास्तव में बंद रास्ता खुलवाने के लिए जमीन पर लड़ रहा है.













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