मिड-डे मील चखा तो खुली स्कूल की ‘पोल’, बच्चों की कम हाजिरी पर डीएम साहिला सख्त ..

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम ने स्वयं भोजन का स्वाद चखा. गुणवत्ता में आवश्यक सुधार को लेकर उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.





                             


  • उमरपुर के प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई से लेकर शौचालय-पेयजल तक की व्यवस्था मिली असंतोषजनक
  • प्रधानाध्यापक से कारण-पृच्छा का निर्देश, अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल लाने की हिदायत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : प्राथमिक विद्यालय उमरपुर में शनिवार को अचानक पहुंचीं डीएम साहिला ने स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो कई कमियां सामने आ गईं. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन का स्वयं स्वाद चखकर उसकी गुणवत्ता परखी. वहीं, विद्यालय में छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापक को सुधार के सख्त निर्देश दिए.

डीएम साहिला ने प्राथमिक विद्यालय उमरपुर (बालक) एवं (बालिका) का निरीक्षण किया. इस दौरान सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित मिले, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या काफी कम पाई गई. डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए नियमित रूप से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें विद्यालय लाने का निर्देश दिया.

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, बिजली, रंग-रोगन और चहारदीवारी जैसी व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं मिलीं. इन कमियों पर डीएम ने संबंधित प्रधानाध्यापक से कारण-पृच्छा करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालय में बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मध्याह्न भोजन पर भी डीएम की सीधी नजर

बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम ने स्वयं भोजन का स्वाद चखा. गुणवत्ता में आवश्यक सुधार को लेकर उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.

डीएम ने सभी वर्गों में पर्याप्त नामांकन सुनिश्चित करने के साथ गुणवत्तापूर्ण और नियमित पठन-पाठन पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि केवल शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और उनकी शैक्षणिक प्रगति भी सुनिश्चित होनी चाहिए.

उन्होंने अभिभावक-शिक्षक बैठक नियमित और गंभीरता से आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई की स्थिति की लगातार समीक्षा हो सके.

स्कूल तक रास्ता भी बनेगा

विद्यालय तक बच्चों के सुगम आवागमन को लेकर डीएम ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को पहुंच पथ के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर भी मौजूद रहे.













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