जुलूस के दौरान अमन, शांति, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया गया. वहीं, पर्व के अवसर पर मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 60 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया.
- शहर की सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, अमन और भाईचारे का दिया संदेश
- डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन के शिविर में लोगों ने किया रक्तदान, मानवता की सेवा का लिया संकल्प
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक अवसर पर बक्सर में आस्था, उल्लास और भाईचारे का माहौल देखने को मिला. पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर शहर में भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. जुलूस के दौरान अमन, शांति, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया गया. वहीं, पर्व के अवसर पर मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 60 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया.
जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरता हुआ हजरत दादा दरिया साहब रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह परिसर तक पहुंचा. जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए. लोगों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. जुलूस के दौरान धार्मिक नारों के साथ पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके बताए रास्ते को याद किया गया. लोगों ने आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा कायम रखने का संदेश दिया.
मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संस्था के सचिव और चिकित्सक डॉ. सैय्यद दिलशाद आलम कादरी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को अमन, भाईचारे, इंसाफ और मोहब्बत का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर साहब के आदर्शों को याद करने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का भी अवसर है. समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के धर्म और भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है.
नगर परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि नेमतुल्लाह फरीदी समेत कई गणमान्य लोग भी जुलूस में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि बक्सर की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से रही है. यहां विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं.
दरगाह परिसर में रक्तदान शिविर
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन की ओर से हजरत दादा दरिया साहब रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह परिसर में लगातार चौथे वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में 60 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया. रक्तदान करने पहुंचे लोगों का आयोजकों की ओर से गर्मजोशी से स्वागत और इस्तकबाल किया गया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेयरमैन प्रतिनिधि नेमतुल्लाह फरीदी मौजूद रहे. उनके साथ राजेश यादव सहित अन्य गणमान्य अतिथियों और समाजसेवियों ने भी शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया.
आयोजक मोहम्मद वक़ार कुरैशी ने कहा कि रक्तदान एक महान सामाजिक सेवा है. रक्त की कोई जाति और धर्म नहीं होता. जरूरत के समय यही रक्त किसी भी समुदाय के मरीज की जान बचाने के काम आ सकता है. उन्होंने कहा कि फाउंडेशन पिछले चार वर्षों से ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा.
जामा मस्जिद के सचिव एजाज अहमद उर्फ छोटे ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का पर्व प्रेम, भाईचारे और मिल्लत की भावना के साथ मनाया गया. उन्होंने रक्तदान शिविर को मानवता की मिसाल बताते हुए कहा कि जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराना सबसे बड़ी सामाजिक सेवाओं में से एक है.
कार्यक्रम में साबित रोहतास्वी साहब, अफरोज आलम, ओम जी यादव, सोनू सुप्रिया, अमजद अली, एजाज अहमद उर्फ छोटे, रामजी सिंह, रेहान इदरीसी, परवेज कुरैशी, मोहम्मद नौसाद, मो. आसिफ, सोनू गोल्डन इदरीसी, राजन भाई और सद्दाम राइन सहित कई लोग उपस्थित रहे.
जुलूस और रक्तदान शिविर ने ईद मिलादुन्नबी के आयोजन को आस्था के साथ-साथ सेवा, भाईचारे और मानवता से जोड़ दिया. लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम और सद्भाव का संदेश मजबूत करते हैं.
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