75 दिन तक चलेगा एनीमिया जांच अभियान, बच्चों से गर्भवती महिलाओं तक होगी स्क्रीनिंग ..

अभियान के तहत लक्षित लोगों के हीमोग्लोबिन की जांच कर एनीमिया की पहचान की जाएगी. जांच में एनीमिया मिलने पर परामर्श, आयरन-फोलिक एसिड, उपचार और जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थान में भेजने की व्यवस्था होगी.

अस्पताल में मौजूद डीएम व अन्य 





                             


सदर अस्पताल में डीएम साहिला समेत अधिकारियों ने जुड़कर देखा राज्यस्तरीय शुभारंभ

हीमोग्लोबिन जांच के साथ दवा, परामर्श और जरूरत पर रेफरल की मिलेगी सुविधा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : एनीमिया को लेकर अब बक्सर में 75 दिनों तक विशेष अभियान चलेगा. मंगलवार को जिले में एनीमिया जांच, परामर्श एवं रेफरल अभियान की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर पर अभियान का शुभारंभ किया, जिससे बक्सर से डीएम साहिला, डीडीसी निहारिका छवि, सिविल सर्जन शिवकुमार प्रसाद चक्रवर्ती, सदर अस्पताल प्रबंधक दुष्यंत कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी सदर अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. अभियान के तहत लक्षित लोगों के हीमोग्लोबिन की जांच कर एनीमिया की पहचान की जाएगी. जांच में एनीमिया मिलने पर परामर्श, आयरन-फोलिक एसिड, उपचार और जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थान में भेजने की व्यवस्था होगी.

पांच आयु और स्वास्थ्य वर्गों पर विशेष फोकस

अभियान में 5 से 9 वर्ष के बच्चों, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों, 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की विशेष जांच होगी. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लाना है. इसके लिए जागरूकता के साथ सामुदायिक स्तर पर लोगों को जांच केंद्रों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी.

स्वास्थ्य केंद्रों के साथ स्कूलों में भी पहुंचेगी टीम

जिले के सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस और टीकाकरण स्थलों पर जांच की जाएगी. वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों और किशोर-किशोरियों की स्क्रीनिंग करेंगी.

मशीन से कुछ ही समय में होगी हीमोग्लोबिन की जांच

अभियान के दौरान डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच की जाएगी. इसके लिए जांच पट्टी, लैंसेट, क्यूवेट, दस्ताने समेत जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. जांच के दौरान संक्रमण से बचाव के निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा और इस्तेमाल की गई सामग्री का सुरक्षित निस्तारण किया जाएगा.

एनीमिया मिलने पर सिर्फ सलाह नहीं, उपचार भी

स्क्रीनिंग में एनीमिया की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को उसकी स्थिति के अनुसार स्वास्थ्य परामर्श दिया जाएगा. आयरन-फोलिक एसिड उपलब्ध कराने के साथ जरूरत पड़ने पर उपचार और उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने की सुविधा भी दी जाएगी. एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अभियान को धरातल पर उतारेंगे.

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जांच कराने की अपील की

जिला स्वास्थ्य समिति ने अभिभावकों और सभी पात्र लाभार्थियों से अभियान में शामिल होकर हीमोग्लोबिन की जांच कराने की अपील की है. खासकर बच्चों, किशोर-किशोरियों, महिलाओं, गर्भवती और धात्री माताओं से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा विद्यालय में आयोजित जांच का लाभ उठाने को कहा गया है. 75 दिनों के दौरान अभियान की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लक्षित लोगों की जांच कर एनीमिया की समय पर पहचान की जा सके.













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