आंगनबाड़ी कर्मियों ने भरी हुंकार, सम्मान और हक की लड़ाई को निर्णायक मोड़ देने का ऐलान ..

अब तक आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है. उन्होंने सम्मानजनक मानदेय की मांग उठाते हुए कहा कि अधिकारों के लिए अभी लंबी लड़ाई बाकी है. 





                             


  • सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग, सेविका को 26 हजार और सहायिका को 18 हजार रुपये मानदेय की उठी आवाज
  • डुमरांव में सम्मेलन के दौरान नई परियोजना कमिटी गठित, 29 सदस्यीय कार्यकारिणी का हुआ चुनाव

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के डुमरांव बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) के बैनर तले डुमरांव परियोजना का सम्मेलन शनिवार को नगर पालिका भवन में आयोजित किया गया. सम्मेलन में डुमरांव परियोजना के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका और सहायिकाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पिंकी कुमारी, कुमारी निशा और मंजू कुमारी की अध्यक्ष मंडली ने की, जबकि उद्घाटन राज्य अध्यक्ष चंद्रावती देवी ने किया.

50 साल बाद भी सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं

उद्घाटन भाषण में चंद्रावती देवी ने कहा कि आईसीडीएस परियोजना को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है. उन्होंने सम्मानजनक मानदेय की मांग उठाते हुए कहा कि अधिकारों के लिए अभी लंबी लड़ाई बाकी है. उन्होंने सेविका-सहायिकाओं से एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.

26 हजार और 18 हजार रुपये मानदेय की मांग

प्रदेश महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह ने कहा कि सेविका और सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने तक सेविका को 26 हजार रुपये तथा सहायिका को 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूनियन पटना से दिल्ली और सड़क से संसद तक आंगनबाड़ी कर्मियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है. संघर्ष के जरिए कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं और अब निर्णायक लड़ाई की ओर बढ़ने का समय है.

ऑनलाइन काम के लिए हर केंद्र पर डाटा एंट्री ऑपरेटर की मांग

प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने तक यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने ग्रेच्युटी और मोबाइल से संबंधित आदेश जल्द जारी करने की मांग की. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऑनलाइन कार्य और एफआरएस के समुचित क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की मांग रखी.

230 केंद्रों को यूनियन से जोड़ने पर जोर

राज्य उपाध्यक्ष पूनम श्रीवास्तव ने सेविका-सहायिकाओं से नियमित रूप से सदस्यता का नवीनीकरण कराने और नए सदस्यों को यूनियन से जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने की अपील की. जिला संरक्षक ओम प्रकाश सिंह ने डुमरांव परियोजना के सभी 230 आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका और सहायिकाओं को संगठन से जोड़ने तथा एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया.

जिला महासचिव लीलावती देवी ने पिछले सम्मेलन के बाद यूनियन की ओर से किए गए संघर्षों और कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सभी सेविका-सहायिकाओं को अपने-अपने केंद्रों का संचालन बेहतर और कुशल तरीके से करना चाहिए, ताकि केंद्र की व्यवस्था पर किसी पदाधिकारी या मंत्री को सवाल उठाने का मौका न मिले.

निशा अध्यक्ष, मंजू महासचिव और पिंकी कोषाध्यक्ष निर्वाचित

सम्मेलन के दौरान डुमरांव परियोजना की नई कमिटी का चुनाव भी कराया गया. इसमें कुमारी निशा को अध्यक्ष, मंजू कुमारी को महासचिव और पिंकी देवी को कोषाध्यक्ष चुना गया. संगीता देवी और रम्भा देवी को उपाध्यक्ष तथा रीता देवी और संध्या देवी को सचिव की जिम्मेदारी दी गई. इसके अलावा 29 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया.

सम्मेलन में राज्य अध्यक्ष चंद्रावती देवी, प्रदेश महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह, प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह, राज्य उपाध्यक्ष पूनम श्रीवास्तव, जिला संयोजक ओम प्रकाश सिंह, सीपीआई बक्सर के अंचल सह-सचिव सह एआईएसएफ जिला मंत्री क्षितिज केसरी, प्रदेश सचिव सह बक्सर जिला महासचिव लीलावती देवी समेत डुमरांव परियोजना की विभिन्न सेविका और सहायिकाएं मौजूद रहीं.













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