वीडियो : आवास के नाम पर पैसे मांगने के आरोप से गरमाया महुआरी, वार्ड सदस्य के समर्थन में उमड़ा हुजूम ..

ग्रामीणों के अनुसार महुआरी की महादलित बस्ती में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है.

वार्ड पार्षद के साथ समाहरणालय पहुंचे लोग





                             



  • धनजी राम बोले- आरोप झूठे, अतिक्रमण हटाने की पहल के बाद रची गई साजिश
  • 70-80 ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम से लगाई न्याय की गुहार

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : ग्राम पंचायत पवनी के ग्राम महुआरी में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जिला मुख्यालय तक पहुंच गया है. वार्ड संख्या तीन के सदस्य धनजी राम पर आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है. वार्ड सदस्य ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए बुधवार को करीब 70-80 ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की.

धनजी राम के अनुसार महुआरी में करीब 100 महादलित परिवारों की बस्ती है. यहां जल निकासी की गंभीर समस्या है. बस्ती में नल-जल योजना पहुंचाने और आगे आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की पहल की गई थी. इस जमीन पर कुछ लोगों के कब्जे को लेकर नोटिस भी जारी हुआ है. वार्ड सदस्य का दावा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद उनके खिलाफ आवास योजना में पैसे मांगने की शिकायत की गई.

बोले- लाभुकों के घर दिखाए, पैसे नहीं मांगे

धनजी राम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे के दौरान आवास सहायक और ऑपरेटर गांव पहुंचे थे. उन्होंने केवल पात्र लाभुकों के घर दिखाने में मदद की थी. इसके बाद आगे की प्रक्रिया संबंधित कर्मियों ने पूरी की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने किसी लाभुक से पैसे की मांग नहीं की और न ही किसी तरह का लेनदेन किया.

वार्ड सदस्य ने कहा कि जांच के दौरान उन पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही गई. उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि उन्होंने कोई गलत काम किया है तो उसका साक्ष्य सामने लाया जाए. उनका कहना है कि बिना प्रमाण आरोप लगाकर उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है.

ग्रामीणों ने भी कहा- एक रुपया नहीं दिया

धनजी राम के समर्थन में पहुंचे ग्रामीणों ने भी आरोपों को गलत बताया. शारदा देवी समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने आवास योजना के लिए वार्ड सदस्य को एक रुपया भी नहीं दिया है. ग्रामीणों का कहना था कि वार्ड सदस्य गांव के लोगों की समस्याओं में सहयोग करते हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है.

सरकारी जमीन पर कब्जे का भी विवाद

ग्रामीणों के अनुसार महुआरी की महादलित बस्ती में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है. वार्ड सदस्य की ओर से अतिक्रमण हटाने की पहल किए जाने के बाद विरोध बढ़ने की बात कही गई है.

भीम आर्मी ने भी किया समर्थन

मामले में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल प्रधान भी वार्ड सदस्य के समर्थन में सामने आए. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. यदि वार्ड सदस्य दोषी हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो शिकायत के पीछे की वजह की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संगठन वार्ड सदस्य को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़ा रहेगा.

अब जांच पर टिकी निगाहें

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह साफ होगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पैसे मांगने के आरोप में कितनी सच्चाई है और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का इस विवाद से कितना संबंध है.
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