वीडियो : बीएड के नए सत्र में कौशल विकास का संदेश, जी. डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट में हुआ भव्य शुभारंभ ..

बी.एड. सत्र 2026–28 का शुभारंभ बुधवार को गरिमामय समारोह के साथ हुआ. समारोह में नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए शिक्षा के साथ कौशल विकास को शिक्षक बनने की राह में अहम बताया गया. 






                             


  • शिक्षा के साथ तकनीकी दक्षता और नेतृत्व जरूरी : प्रदीप कुमार मिश्र
  • तकनीक के साथ कदमताल कर ही बच्चों को बेहतर पढ़ा सकेंगे शिक्षक : मनोज कुमार त्रिगुण

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जी. डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में बी.एड. सत्र 2026–28 का शुभारंभ बुधवार को गरिमामय समारोह के साथ हुआ. समारोह में नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए शिक्षा के साथ कौशल विकास को शिक्षक बनने की राह में अहम बताया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के सचिव प्रदीप कुमार मिश्र रहे. इस दौरान जय राम चौधरी समेत संस्थान एवं फाउंडेशन स्कूल से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मी मौजूद रहे.

शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर

सचिव प्रदीप कुमार मिश्र ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में एक शिक्षक के लिए केवल विषय का ज्ञान पर्याप्त नहीं है. संप्रेषण क्षमता, तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता जैसे कौशल भी शिक्षक के व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाते हैं. उन्होंने प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण के दौरान इन क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया.

तकनीक के साथ कदमताल जरूरी

फाउंडेशन स्कूल के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों के सामने नई चुनौतियां और नई संभावनाएं दोनों हैं. शिक्षकों को तकनीक के साथ कदमताल करना पड़ेगा, तभी वे बच्चों को बेहतर और प्रभावी ढंग से पढ़ा सकेंगे. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाकर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को और बेहतर किया जा सकता है. इसके लिए शिक्षकों को लगातार नई तकनीकों और शिक्षण विधियों को सीखते रहना होगा.

अनुशासन और सीखने की भावना पर जोर

महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्थान की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षुओं को अनुशासन, गुणवत्ता और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और अनुभव भविष्य की शिक्षण यात्रा की मजबूत नींव तैयार करता है.

शिक्षक और प्रबंधन के सदस्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में वरीय प्रबंधक प्रकाश कुमार मिश्र, वरीय प्रबंधक संजीव कुमार सिंह, वरीय प्रबंधक मिथिलेश कुमार, एचओडी अश्विनी कुमार मिश्र, फैकल्टी मेंबर सुनील कुमार मिश्र, अरविंद कुमार सिंह एवं अजय पाल, चीफ लैब ऑपरेटर निशांत कुमार, सुपरवाइजर अभय कुमार सिंह की मौजूदगी रही. वहीं वरुण पाठक, अमित कुमार वर्मा, राजेश कुमार पण्डित, एस. जे. दूबे, एस. के. ओझा और मीना श्रीवास्तव सीनियर पीजीटी के रूप में कार्यक्रम में शामिल रहे.

फाउंडेशन स्कूल के शिक्षक भी हुए शामिल

इसके अलावा मुख्य लाइब्रेरियन शशिकांत द्विवेदी, फाउंडेशन स्कूल के वाइस प्रिंसिपल अनिल कुमार ओझा, एकेडमिक कॉर्डिनेटर एस. के. दूबे, फाउंडेशन स्कूल की कॉर्डिनेटर अनुपमा पाठक, ऑफिस सुप्रिटेंडेंट अभय कुमार मिश्र और राजीव कुमार पाठक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.

मंच संचालन से लेकर धन्यवाद ज्ञापन तक

कार्यक्रम का मंच संचालन प्रशिक्षुद्वय रोहित और सुनीता ने प्रभावशाली ढंग से किया. समारोह के दौरान नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. वक्ताओं ने उन्हें शिक्षण क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने और प्रशिक्षण के हर अवसर का लाभ उठाने का संदेश दिया.

अंत में सहायक प्राध्यापक अजय पाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने अतिथियों, प्राचार्य, प्रबंधन, संकाय सदस्यों, प्रशिक्षुओं और सहयोगी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नए सत्र के सफल और सार्थक होने की शुभकामनाएं दीं.













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