कहा गया है कि सासाराम-बक्सर-बलिया रेल परियोजना लंबे समय से रेल संपर्क की जरूरत महसूस कर रहे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. प्रस्तावित रेल लाइन सासाराम से शुरू होकर बक्सर होते हुए बलिया तक पहुंचेगी.
- बिहार-यूपी के लाखों लोगों की बदलेगी तस्वीर, व्यापार-रोजगार से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक मिलेगा सीधा फायदा
- ‘आपकी आवाज’ ने रेल मंत्रालय को भेजा पत्र, सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार कर परियोजना को मंजूरी देने की मांग
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में रेल संपर्क को नई रफ्तार देने की कवायद तेज होती नजर आ रही है. सासाराम से बक्सर होते हुए बलिया तक नई रेलवे लाइन बिछाने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन ‘आपकी आवाज’ ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर परियोजना के सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है. संगठन का कहना है कि यह रेल लाइन अस्तित्व में आती है तो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए आवागमन का नया और सीधा रास्ता खुल जाएगा.
संगठन के राष्ट्रीय संयोजक डॉग् निसार अहमद की ओर से रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सासाराम-बक्सर-बलिया रेल परियोजना लंबे समय से रेल संपर्क की जरूरत महसूस कर रहे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. प्रस्तावित रेल लाइन सासाराम से शुरू होकर बक्सर होते हुए बलिया तक पहुंचेगी. इससे इन क्षेत्रों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने के साथ ही यात्रियों को लंबी दूरी के वैकल्पिक मार्गों पर निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है.
व्यापार और रोजगार को मिलेगा बूस्टर
संगठन ने पत्र में परियोजना को केवल रेल सुविधा से जोड़कर नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास से जोड़कर देखा है. नई रेल लाइन बनने से कृषि उत्पादों के परिवहन, स्थानीय व्यापार और बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद जताई गई है. इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई है. संगठन का दावा है कि बेहतर रेल संपर्क से नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और सीमावर्ती इलाकों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी.
पहले सर्वेक्षण, फिर डीपीआर और मंजूरी की मांग
रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में परियोजना का आवश्यक फाइनल लोकेशन सर्वेक्षण (एफएलएस) कराने, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने तथा तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करने की मांग की गई है. संगठन ने व्यवहार्यता के आधार पर परियोजना को मंजूरी देकर निर्माण प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया है.
पत्र के साथ क्षेत्र का मानचित्र तथा जनसंख्या एवं व्यापार से संबंधित विवरण भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है. संगठन ने उम्मीद जताई है कि रेल मंत्रालय इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा.
इस संबंध में राष्ट्रीय संगठन सेवी सत्य प्रकाश राय ने भी पहल को जनहित से जुड़ा कदम बताया. संगठन ने कहा कि सासाराम-बक्सर-बलिया रेल लाइन क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है.






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