पहले से सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है. इसके बावजूद कई प्रवेश बिंदुओं पर बड़े वाहन सड़क किनारे खड़े हो जाते हैं. इससे दानी कुटिया से चौसा गोला तक दिनभर वाहनों की लंबी कतार लगने की शिकायत मिल रही थी.

- दानी कुटिया से चौसा गोला तक दिनभर लग रहे जाम के बाद प्रशासन ने लिया फैसला
- एंबुलेंस, स्कूल बस और आम यात्रियों की परेशानी रोकने के लिए तय किए गए चार ठहराव स्थल
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : शहर की सड़कों पर भारी वाहनों के कारण लगने वाले जाम से अब सख्ती से निपटा जाएगा. बक्सर सदर अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय के संयुक्त आदेश के बाद शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर लागू रोक को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए चार अलग-अलग ठहराव स्थल तय किए गए हैं. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.
शहर में पहले से सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है. इसके बावजूद कई प्रवेश बिंदुओं पर बड़े वाहन सड़क किनारे खड़े हो जाते हैं. इससे दानी कुटिया से चौसा गोला तक दिनभर वाहनों की लंबी कतार लगने की शिकायत मिल रही थी. जाम के कारण एंबुलेंस, आपातकालीन सेवाओं, स्कूल बसों और आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
चार रास्तों पर तय हुआ बड़े वाहनों का ठिकाना
प्रशासन ने अलग-अलग मार्गों से बक्सर की ओर आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही रोकने के लिए चार स्थान निर्धारित किए हैं.
राजपुर-सरेजा मार्ग: कोचस की ओर से राजपुर होकर आने वाले भारी वाहनों को राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा के पास रोका जाएगा.
रामपुर के पास रोक: मोहनियां से रामगढ़ होकर आने वाले भारी वाहनों को रामपुर के पास ठहराया जाएगा.
खतीबा मोड़ पर रोक: दिनारा-इटाढ़ी मार्ग से आने वाले भारी वाहनों को इटाढ़ी थाना क्षेत्र के खतीबा मोड़ के पास रोका जाएगा.
चौसा में उत्पाद जांच चौकी से पहले: उत्तर प्रदेश की ओर से कर्मनाशा नदी पुल होकर आने वाले भारी वाहनों को उत्पाद जांच चौकी, चौसा से पहले ही रोकने का निर्देश दिया गया है.
जाम के साथ हादसे का खतरा भी
प्रशासन के अनुसार बक्सर धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व का शहर है. यहां मुख्य और सहायक मार्गों पर पैदल यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में छोटे वाहन चलते हैं. ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश से यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होने की आशंका रहती है. सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है.
संयुक्त आदेश में अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को निर्धारित स्थानों पर भारी वाहनों को रोकना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, मद्यनिषेध विभाग, खनन विभाग समेत संबंधित अधिकारियों को भी आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है.





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