नामों की बहस से ऊपर उठकर भविष्य के बक्सर की चिंता जरूरी : पंकज

बक्सर की सार्वजनिक बहस को नामों के विवाद से ऊपर उठकर विकास के मूल सवालों पर केंद्रित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सवाल किसी व्यक्ति या विचारधारा के विरोध का नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिकताओं का है.






                             


  • चांद पर पहुंचती दुनिया के बीच बक्सर को विकास, रोजगार और पर्यटन पर ध्यान देना होगा
  • हजारों वर्षों की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ी है बक्सर की पहचान


बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सामाजिक कार्यकर्ता पंकज उपाध्याय ने कहा कि जब दुनिया चांद से आगे अंतरिक्ष की नई संभावनाएं तलाश रही है और भारत विज्ञान, तकनीक व कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे समय में बक्सर की सार्वजनिक बहस को नामों के विवाद से ऊपर उठकर विकास के मूल सवालों पर केंद्रित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सवाल किसी व्यक्ति या विचारधारा के विरोध का नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिकताओं का है.

पंकज उपाध्याय ने कहा कि बक्सर की पहचान हजारों वर्षों की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ी है. इस गौरव को केवल नाम परिवर्तन के जरिए स्थापित करने की आवश्यकता नहीं है. इसके बजाय ऐतिहासिक स्थलों का वैज्ञानिक संरक्षण, शोध, पर्यटन विकास और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी को केवल गौरवगाथा नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, रोजगार, डिजिटल कौशल और उद्यम के अवसर चाहिए. बक्सर को ऐसा शहर बनाने की जरूरत है जहां युवा अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सकें.

बक्सर का नाम नहीं, तस्वीर बदलने की जरूरत

सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि बक्सर को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ठोस योजना तैयार होनी चाहिए. प्राचीन स्थलों का संरक्षण कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

उन्होंने कहा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों को भूलना नहीं है. बक्सर को अपनी गौरवशाली विरासत को सहेजते हुए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा.

पंकज उपाध्याय ने कहा कि हमें यह तय करना होगा कि अतीत के नामों की बहस में उलझना है या आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर बक्सर बनाना है. अतीत हमारी जड़ है, वर्तमान हमारी जिम्मेदारी और भविष्य हमारा संकल्प है.













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