बिहार पुलिस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं इंटेनक्स के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए.

- फाउंडेशन स्कूल में Cyber Secure Bihar का जागरूकता कार्यक्रम, एसपी शुभम आर्या ने बच्चों को दिए डिजिटल सेफ्टी के टिप्स
- फर्जी लिंक, ओटीपी और ऑनलाइन ठगी से बचने का बताया फंडा, बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में बच्चे जितने तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में बच्चों को डिजिटल दुनिया का स्मार्ट और सुरक्षित खिलाड़ी बनाने के लिए फाउंडेशन स्कूल एवं जीडी मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में ‘Cyber Secure Bihar’ अभियान के तहत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. बिहार पुलिस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं इंटेनक्स के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए.
एसपी ने बच्चों को समझाया- इंटरनेट पर हर चीज भरोसे के लायक नहीं
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बक्सर एसपी शुभम आर्या ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बताईं. उन्होंने बच्चों से कहा कि इंटरनेट पर मिलने वाले हर लिंक, मैसेज या ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए. अपनी निजी और गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए. साइबर अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करनी चाहिए.
फर्जी लिंक पर क्लिक किया तो पड़ सकता है भारी
साइबर डीएसपी ने बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, संदिग्ध संदेश, डिजिटल ठगी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी. उन्होंने समझाया कि साइबर ठग अक्सर लालच, डर या जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को फंसाते हैं. इसलिए कोई भी लिंक खोलने या ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है.
छात्राओं को बताया- ऑनलाइन परेशान करे तो चुप नहीं रहना
महिला थाना की थानाध्यक्ष ने छात्राओं को साइबर उत्पीड़न समेत महिलाओं से जुड़ी ऑनलाइन समस्याओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी तरह की परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय परिवार और पुलिस को जानकारी दें तथा उपलब्ध शिकायत माध्यमों का इस्तेमाल करें.
प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण बोले- बच्चों को डिजिटल रूप से स्मार्ट बनाना जरूरी
फाउंडेशन स्कूल के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने कहा कि आज बच्चे कम उम्र से ही मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें केवल तकनीक चलाना सिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल भी सिखाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को संभावित खतरों को पहचानने और उनसे बचने के लिए तैयार करते हैं. डिजिटल युग में जागरूक बच्चा ही सुरक्षित बच्चा है.
सवाल बच्चों के, जवाब पुलिस के
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल पूछे. पुलिस अधीक्षक, साइबर डीएसपी और रिसोर्स पर्सन अभिनव दास ने बच्चों के सवालों का सरल भाषा में जवाब दिया. उदाहरणों के जरिए बताया गया कि साइबर ठग किस तरह लोगों को झांसे में लेते हैं और किन छोटी-छोटी सावधानियों से बड़ी ठगी से बचा जा सकता है.
नुक्कड़ नाटक ने दिया सीधा मैसेज
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. बच्चों की प्रस्तुति के जरिए ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सावधानी का संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा.
जीडी मिश्रा संस्थान ने भी दिया सुरक्षित डिजिटल इस्तेमाल का संदेश
जीडी मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज के प्राचार्य डॉ. जे.आर. चौधरी ने प्रशिक्षुओं को डिजिटल तकनीक का ज्ञान हासिल करने के साथ उसका सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करने की सलाह दी. कार्यक्रम में वरीय प्रबंधक प्रकाश कुमार मिश्र, वरीय प्रबंधक संजीव कुमार सिंह, वरीय प्रबंधक मिथिलेश कुमार, एचओडी अश्विनी कुमार मिश्र, फैकल्टी मेंबर सुनील कुमार मिश्र, अरविंद कुमार सिंह एवं अजय पाल, चीफ लैब ऑपरेटर निशांत कुमार, सुपरवाइजर अभय कुमार सिंह की मौजूदगी रही. वहीं वरुण पाठक, अमित कुमार वर्मा, राजेश कुमार पण्डित, एस. जे. दूबे, एस. के. ओझा और मीना श्रीवास्तव सीनियर पीजीटी के रूप में कार्यक्रम में शामिल रहे.
फाउंडेशन स्कूल के शिक्षक भी हुए शामिल
इसके अलावा मुख्य लाइब्रेरियन शशिकांत द्विवेदी, फाउंडेशन स्कूल के वाइस प्रिंसिपल अनिल कुमार ओझा, एकेडमिक कॉर्डिनेटर एस. के. दूबे, फाउंडेशन स्कूल की कॉर्डिनेटर अनुपमा पाठक, ऑफिस सुप्रिटेंडेंट अभय कुमार मिश्र और राजीव कुमार पाठक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अंत में विद्यालय एवं संस्थान प्रशासन ने बिहार पुलिस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटेनक्स और सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम का मूल संदेश साफ रहा- मोबाइल स्मार्ट हो या बच्चा, साइबर सुरक्षा में सावधानी सबसे जरूरी है. एक गलत क्लिक से बचने का सबसे आसान तरीका है- पहले सोचो, फिर क्लिक करो.





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