किसानों की उपज बाजार तक पहुंचाने, छात्रों के स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को अस्पताल ले जाने में गंभीर परेशानियां हो रही हैं. लोगों का आरोप है कि महीनों से समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं.
- गुमटी बंद होने से बढ़ा जनाक्रोश, रेल ट्रैक जाम करने का अल्टीमेटम
- मोर्चा का आरोप- सरकार और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से जनता भुगत रही सजा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग (गुमटी) बंद होने और क्षतिग्रस्त रेलवे ओवरब्रिज के कारण आम लोगों की बढ़ती परेशानियों को लेकर संविधान संघर्ष मोर्चा ने सरकार और रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को आयोजित प्रदर्शन में मोर्चा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को न ओवरब्रिज का लाभ मिल रहा है और न ही रेलवे क्रॉसिंग से आवागमन की सुविधा. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो शुक्रवार सुबह 11 बजे हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल चक्का जाम किया जाएगा.
आंदोलनकारियों का कहना है कि गुमटी बंद होने के बाद हजारों लोग रोज पांडेयपट्टी के संकरे और जर्जर रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं. कीचड़ और खराब सड़क के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. किसानों की उपज बाजार तक पहुंचाने, छात्रों के स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को अस्पताल ले जाने में गंभीर परेशानियां हो रही हैं. लोगों का आरोप है कि महीनों से समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं.
संविधान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सरोज राजभर ने कहा कि जनता की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. कई बार आंदोलन और ज्ञापन देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि अब लोगों का धैर्य जवाब दे चुका है और जब तक गुमटी नहीं खुलेगी, आंदोलन जारी रहेगा.
मोर्चा के मीडिया प्रभारी राम इकबाल ठाकुर ने कहा कि पहले चरण के आंदोलन में प्रशासन को 10 दिनों का समय दिया गया था, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला. उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक से सवाल किया कि जब जनता रोज परेशानी झेल रही है तो उनकी आवाज सरकार तक क्यों नहीं पहुंच रही है. उन्होंने रेल मंत्री और प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.
विधानसभा अध्यक्ष अजीत कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनता के बीच रहने वाले जनप्रतिनिधि अब इस मुद्दे पर खामोश हैं. वहीं आंदोलन में शामिल कृष्णावती देवी ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है. उन्होंने कहा कि इस बार केवल समझाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा.
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि शुक्रवार तक इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने या वैकल्पिक व्यवस्था पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो हजारों लोग रेलवे ट्रैक पर उतरकर रेल चक्का जाम करेंगे. आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और रेलवे प्रशासन की होगी.






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