कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार देर रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली. वह प्रभात खबर के फोटो जर्नलिस्ट मनीष कुमार मिश्र की मां और वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्र की पत्नी थीं.
![]() |
| मांके साथमनीष |
- प्रयागराज में बस की चपेट में आने से हुई थीं गंभीर घायल, वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में कई दिनों तक जिंदगी से जूझने के बाद शनिवार रात निधन
- दोनों पैर और एक हाथ हुए थे बुरी तरह क्षतिग्रस्त, काशी में होगी अंतिम विदाई; पत्रकार-अधिवक्ता समाज में शोक
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गुरु पूर्णिमा पर गुरु के दर्शन की आस लेकर वृंदावन धाम के लिए निकलीं मालती देवी की यात्रा दर्दनाक हादसे के बाद जिंदगी की आखिरी सफर बन गई. प्रयागराज के आगे सड़क पार करने के दौरान वह एक बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. हादसे में उनके दोनों पैर और एक हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे. प्रयागराज में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार देर रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली. वह प्रभात खबर के फोटो जर्नलिस्ट मनीष कुमार मिश्र की मां और वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्र की पत्नी थीं.
हर साल गुरु पूर्णिमा पर जाती थीं वृंदावन
मालती देवी हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु से मिलने वृंदावन धाम जाती थीं. इस बार भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वह यात्रा पर निकली थीं. परिवार के लिए यह यात्रा बेहद खुशी और आस्था से भरी थी, लेकिन प्रयागराज के आगे सड़क पार करते समय अचानक हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया. बस की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. हादसे के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे.
प्रयागराज से वाराणसी तक चली जिंदगी बचाने की कोशिश
गंभीर चोटों के कारण मालती देवी की हालत चिंताजनक बनी हुई थी. प्रयागराज में प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे. वहां पिछले कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था. परिवार और शुभचिंतक उनके स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए थे. हर दिन उनके लिए नई उम्मीद लेकर आता था, लेकिन शनिवार रात वह उम्मीद टूट गई. करीब 9:30 से 10 बजे के बीच इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
रविवार सुबह परिजनों को सौंपा गया पार्थिव शरीर
मालती देवी के निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई. रविवार सुबह करीब नौ बजे के बाद ट्रॉमा सेंटर से उनका पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया. वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष सिंह ने बताया कि मालती देवी की अंतिम विदाई वाराणसी में ही दी जाएगी.
पत्रकार और अधिवक्ता समाज में शोक
मालती देवी के निधन की खबर बक्सर पहुंचते ही पत्रकार और अधिवक्ता समाज में शोक की लहर दौड़ गई. डॉ. शशांक शेखर, अविनाश उपाध्याय, ओंकार नाथ मिश्र, जयमंगल पांडेय, रवि शंकर श्रीवास्तव, मनोज सिंह, शुभ नारायण पाठक, मृत्युंजय सिंह, जितेंद्र मिश्र, राम इकबाल ठाकुर, बबलू उपाध्याय, संजय उपाध्याय, रवि मिश्र, सुमंत सिंह, आलोक कुमार, धीरज वर्मा, धर्मेंद्र पाठक, बजरंगी लाल, सत्य प्रकाश पाण्डेय, राज कुमार ठाकुर, आशुतोष सिंह, गुलशन सिंह, अजय राय, विकास पांडेय, विकास विद्यार्थी, पंकज पांडेय, रेहान इदरीसी, प्रेमनाथ दुबे, विनोद सिंह, मोहम्मद मोईन, चुन्नू चौबे, रंजीत कुमार पांडे, अजय कुमार सिंह, कौशिक कुमार, गिरधारी अग्रवाल, अमित उपाध्याय, रोहित कुमार, राजेश तिवारी, बासुकीनाथ पांडेय, पंकज कमल, शंकर पांडेय, गोल्डी वर्मा, उमेश पांडेय, गिरीश कुमार, पुष्पराज, रामराज सिंह, रविंद्र दुबे, गिरीश द्विवेदी, सुधीर कुमार, राजन मिश्र, अरुण कुमार सिंह, अमरनाथ केसरी, त्रिलोकी कुमार, सत्येंद्र चौबे, वेदांत दुबे, सत्येंद्र यादव, एसके ओझा, कुंदन ओझा, बादल कुमार, संजय केसरी, सुजीत कुमार, अशोक कुमार सिंह, अमित ओझा, अरविंद तिवारी, रजनीकांत दुबे, विमल कुमार, मनोज सिन्हा, आलोक सिंह, दिलीप ओझा, चन्द्र कान्त निराला समेत कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की.
शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि मालती देवी का निधन अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है. उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में पूरा पत्रकार और अधिवक्ता समाज शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है. लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस अपार दुख और वज्राघात को सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की.






.png)









0 Comments