सीने पर दबाव, हाथों में उम्मीद : बक्सर में सीपीआर सीखने उमड़ी भीड़, अब हर महीने चलेगा जीवनरक्षक अभियान ..

बताया कि अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में यदि समय पर और सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो मरीज के जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि इस जनहित अभियान को पूरे बिहार में विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा.





                             

  • तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर बड़ी संख्या में लोगों ने सीखी जीवन बचाने की तकनीक.
  • डॉ. दिलशाद आलम बोले. सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी की जिंदगी बचा सकता है.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : किसी की थमती सांसों को दोबारा जिंदगी देने की सीख लेने के लिए रविवार को साबित खिदमत फाउंडेशन एंड हॉस्पिटल, चीनी मिल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुटी. तीन दिवसीय सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने आपातकालीन परिस्थितियों में हृदयगति रुकने पर मरीज की जान बचाने की व्यावहारिक तकनीक सीखी. प्रशिक्षण के समापन पर अस्पताल प्रबंधन ने इसे नियमित अभियान बनाने की घोषणा की.

संस्था के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि सीपीआर केवल डॉक्टरों या स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसकी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में यदि समय पर और सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो मरीज के जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि इस जनहित अभियान को पूरे बिहार में विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा.

हर माह होगा नि:शुल्क प्रशिक्षण

डॉ. दिलशाद आलम ने घोषणा की कि अस्पताल में अब प्रत्येक माह सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जीवनरक्षक तकनीक को सीखकर आपातकालीन स्थिति में दूसरों की मदद कर सकें.

प्रतिभागियों ने सीखी जीवन बचाने की तकनीक

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. मनीष सहित मोहर्रम, नेमुद्दीन, अमित, रामजीलाल, दरगावती, मंगला, रीता, पूजा, अनीता, रौशन, सलीम, अफसाना, सरस्वती, शहजादी, रानी खातून और शोभा देवी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया.

अतिथियों और प्रशिक्षकों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया. वहीं प्रशिक्षण देने वाले चिकित्सकों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया. समापन अवसर पर संस्था ने अधिक से अधिक लोगों तक जीवनरक्षक प्रशिक्षण पहुंचाने और इस अभियान को लगातार जारी रखने का संकल्प दोहराया.













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