वीडियो : होल्डिंग टैक्स के रेट पर सवाल, प्रदीप शरण ने मांगा बोर्ड बैठक का हिसाब ..

कहना है कि वर्ष 2016 से वसूले गए टैक्स की राशि किस खाते में जमा हुई, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स वसूली से संबंधित खाता बदला गया और सॉफ्टवेयर में भी छेड़छाड़ की गई.





                             


  • डुमरांव में 2016 से चल रही लड़ाई का हवाला, 
  • तीन बैठकों के हवाले पर उठाए सवाल, बताया - बक्सर में भी जांच की तैयारी शुरु 

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर निकायों में होल्डिंग टैक्स के निर्धारण और वसूली को लेकर सामाजिक मंच के संयोजक प्रदीप शरण ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि होल्डिंग टैक्स की दर निर्धारित करने का आधार स्पष्ट नहीं किया जा रहा है और जिन बोर्ड बैठकों का हवाला दिया जा रहा है, उनके दस्तावेजों में भी कई सवाल सामने आते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह वर्ष 2016 से लगातार आवाज उठा रहे हैं.

प्रदीप शरण के अनुसार, डुमरांव में आंदोलन के दौरान नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में उन्हें उनकी आपत्तियों का जवाब देने का आश्वासन दिया गया था. बाद में उन्हें लिखित रूप से समय मांगे जाने की बात कही गई. उनका कहना है कि जब उन्होंने होल्डिंग टैक्स की दर निर्धारित किए जाने के संबंध में दस्तावेज मांगे तो नगर परिषद की ओर से तीन बोर्ड बैठकों का उल्लेख किया गया, लेकिन उनके पास उपलब्ध दस्तावेज इन बैठकों को लेकर सवाल खड़े करते हैं.

अपने ही मकान का 1.25 लाख रुपये का बकाया

उन्होंने कहा कि उनके छोटे से मकान और जमीन पर वर्ष 2013 से 1.25 लाख रुपये से अधिक की मांग दर्शाई गई. उनका दावा है कि पूर्व में उन्हें अलग अवधि का बकाया बताया गया था और उन्होंने उस समय भुगतान भी किया था. अब पुराने बकाये की गणना किस आधार पर की गई, इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है. उन्होंने इस मामले को लेकर लोक शिकायत और अपीलीय स्तर पर भी कार्रवाई की बात कही.

खाते और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ का आरोप

प्रदीप शरण ने होल्डिंग टैक्स से जुड़े खाते और नगर निकाय के सॉफ्टवेयर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि वर्ष 2016 से वसूले गए टैक्स की राशि किस खाते में जमा हुई, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स वसूली से संबंधित खाता बदला गया और सॉफ्टवेयर में भी छेड़छाड़ की गई. स्पैरो इंडिया से जुड़ी एजेंसी और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उन्होंने की.

बक्सर में भी जांच आगे बढ़ाने की तैयारी

प्रदीप शरण ने कहा कि अब बक्सर नगर परिषद में भी होल्डिंग टैक्स और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. उनके अनुसार, सामाजिक मंच की ओर से नगर क्षेत्र में होल्डिंग की संख्या को लेकर भी सर्वे कराया गया है, जिसमें बड़ी संख्या सामने आई है. उन्होंने कहा कि होल्डिंग संख्या और उससे जुड़ी राशि के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है.

उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. यदि संबंधित विभागों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाने की तैयारी है. उन्होंने जिलाधिकारी और नगर विकास विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

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