वीडियो : रेल मंत्री इस्तीफा दो! बक्सर रेलवे क्रॉसिंग आंदोलन हुआ और गरम, जंतर-मंतर मॉडल पर लड़ाई की तैयारी ..

कहा कि यदि रेलवे क्रॉसिंग की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. कुछ वक्ताओं ने बक्सर के जिलाधिकारी से भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की.






                             

- जनसमर्थन बढ़ रहा. धरनास्थल पर पहुंच रहे लोग, बोले- अब पीछे हटने वाले नहीं

- आंदोलनकारियों की चेतावनी- क्रॉसिंग नहीं खुली तो रेल चक्का जाम, पटरियों पर उतरेंगे प्रदर्शनकारी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर की इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग अब और तेज होती जा रही है. दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में लगातार लोगों की भागीदारी बढ़ रही है. आंदोलनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक रेलवे क्रॉसिंग की लड़ाई नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है.

धरना का नेतृत्व सरोज राजभर कर रहे हैं. धरने पर बैठे दीनानाथ ठाकुर ने आरोप लगाया कि शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी क्षेत्र में पहुंचे थे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने धरना स्थल पर आकर आंदोलनकारियों से बातचीत करना जरूरी नहीं समझा. उन्होंने कहा कि प्रशासन संवाद से बच रहा है, जबकि लोग समाधान की उम्मीद में धरने पर बैठे हैं.

जंतर-मंतर जैसा आंदोलन बनाने की अपील

धरना स्थल पर पहुंचे इटाढ़ी निवासी एक समर्थक कामता प्रसाद केशरी ने कहा कि वह प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर बक्सर की जनता बड़ी संख्या में इस आंदोलन से नहीं जुड़ी तो रेलवे क्रॉसिंग खुलवाना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा.

रेल मंत्री और डीएम के इस्तीफे की उठी मांग

धरना को संबोधित करते हुए सरोज राजभर, रामाकांत चंद्रवंशी, अजीत कुशवाहा, बीरबल पासवान,  कृष्णावती देवी ने रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया. वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, व्यापारियों और रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

वक्ताओं ने रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि रेलवे क्रॉसिंग की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. कुछ वक्ताओं ने बक्सर के जिलाधिकारी से भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की.

अब आर-पार की चेतावनी

आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा. जरूरत पड़ी तो रेल चक्का जाम किया जाएगा और प्रदर्शनकारी पटरियों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे. उनका कहना है कि जब तक रेलवे क्रॉसिंग नहीं खुलेगी, तब तक आंदोलन रुकने वाला नहीं है.

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