हिरासत में लिए गए कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय समेत कई आंदोलनकारी, प्रदेश प्रवक्ता स्नेहाशीष और पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने प्रशासन को दी चेतावनी ..

कहा कि रेल प्रशासन और जिला प्रशासन अविलंब कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय समेत हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को रिहा करे. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर पहले से बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा.





                             



- प्रदेश कांग्रेस ने नेताओं की तत्काल रिहाई की उठाई मांग

- कहा- गुमटी नहीं खुली और रिहाई नहीं हुई तो होगा बड़ा जन आंदोलन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर के इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को खोलने और क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की शीघ्र मरम्मत की मांग को लेकर शुक्रवार को हुए रेल चक्का जाम के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और संयुक्त संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है. बिहार प्रदेश कांग्रेस ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सभी आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की है. पार्टी का कहना है कि यदि अविलंब रिहाई नहीं हुई और जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर ठोस पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और रेल प्रशासन की होगी.

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने जारी बयान में कहा कि ईटाढ़ी रेल गुमटी खोलने और रेल ओवर ब्रिज की मरम्मत की मांग पिछले तीन महीनों से लगातार लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दानापुर मंडल रेल प्रबंधक से मिलकर भी इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की परेशानी को नजरअंदाज किया जा रहा है.

तीन महीने से उठ रही मांग

डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके रेल ओवर ब्रिज के कारण गुमटी बंद है, जिससे शहर के एक बड़े हिस्से का आवागमन प्रभावित हो गया है. गुमटी के उस पार स्थित स्कूलों, कॉलेजों और गांवों तक पहुंचने में छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

हिरासत को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, वरिष्ठ नेता हरिशंकर त्रिवेदी, संयुक्त संघर्ष समिति के नेता सरोज राजभर सहित कई लोगों ने रेल चक्का जाम के माध्यम से जनहित की आवाज उठाई तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हिरासत में ले लिया. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है.

मुन्ना तिवारी की प्रशासन को चेतावनी

उधर बक्सर के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि रेल प्रशासन और जिला प्रशासन अविलंब कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय समेत हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को रिहा करे. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर पहले से बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन और रेल प्रशासन की होगी.

कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने मांग की है कि ईटाढ़ी रेल गुमटी को जल्द खोला जाए, क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की मरम्मत युद्धस्तर पर कराई जाए और हिरासत में लिए गए सभी नेताओं एवं आंदोलनकारियों को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए.













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