श्रीराम कथा में गूंजी लोकमंगल की सीख, राम-लक्ष्मण के वनगमन प्रसंग पर भावविभोर हुए श्रद्धालु ..

कहा कि श्रीराम कथा में संपूर्ण मानवता और लोकमंगल की भावना समाहित है. भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, मर्यादा और शील का संदेश देता है. उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में शांति, सद्भाव और समरसता स्थापित की जा सकती है.


 





                             


  • आचार्य पीताम्बर जी महाराज ने कहा- श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश
  • ताड़का-सुबाहु वध और अहल्या उद्धार का प्रसंग सुनकर भक्तिरस में डूबे श्रोता

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : विश्व शांति एवं जनकल्याण की कामना को लेकर जय भोलेनाथ ग्रुप एवं पंडा समाज, श्रीरामेश्वरनाथ मंदिर, रामरेखाघाट के सानिध्य में आयोजित नवदिवसीय श्रीरामचरित मानस ज्ञान गंगा के पंचम दिवस कथा व्यास आचार्य पीताम्बर जी महाराज ने श्रीराम के आदर्श जीवन का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम कथा में संपूर्ण मानवता और लोकमंगल की भावना समाहित है. भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, मर्यादा और शील का संदेश देता है. उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में शांति, सद्भाव और समरसता स्थापित की जा सकती है.

विश्वामित्र के साथ वनगमन का सुनाया प्रसंग

कथा के दौरान आचार्य पीताम्बर जी महाराज ने महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के वनगमन का प्रसंग विस्तार से सुनाया. उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजा दशरथ ने सत्य और धर्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए दोनों पुत्रों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेजा. इसके बाद ताड़का और सुबाहु जैसे असुरों के संहार का प्रसंग सुनाया गया. कथा के मार्मिक वर्णन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे.

राम के चरित्र को बताया जीवन का मार्गदर्शक

आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम की शालीनता, विनम्रता और मर्यादा ही उनके वास्तविक आभूषण हैं. श्रीराम का चरित्र प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, धर्म, संयम और शील धारण करने की प्रेरणा देता है. कथा क्रम में देवी अहल्या के उद्धार का मार्मिक प्रसंग भी सुनाया गया. उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति मनुष्य के जीवन को नई दिशा देने के साथ उसके भीतर सकारात्मक बदलाव लाती है.

भजनों पर झूमते रहे श्रद्धालु

आचार्य पीताम्बर जी महाराज की संगीतमय कथा शैली और मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. कथा के दौरान भजनों की सरिता में श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक संदेशों को आत्मसात किया.













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