कहा कि सिर्फ बच्चों को काम से मुक्त कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास और भविष्य की व्यवस्था भी जरूरी है. इसी के तहत शिक्षा विभाग से समन्वय कर सभी मुक्त बाल श्रमिकों को स्कूल से जोड़ने तथा उनके परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया.

- मिठाई दुकानों से ढाबों और त्योहारों के पंडालों तक होगी जांच, बाल श्रमिक मिले तो होगी कार्रवाई
- मुक्त कराए बच्चों का एक सप्ताह में स्कूल में नामांकन, परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में बाल श्रम के खिलाफ अब कार्रवाई और तेज होगी. 26 सितंबर को समाहरणालय में डीएम साहिला की अध्यक्षता में हुई बाल संरक्षण से जुड़ी समितियों की बैठक में बाल श्रम उन्मूलन, मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास और उनकी शिक्षा को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए. डीएम ने चिन्हित बाल श्रमिकों का भौतिक सत्यापन कराने के साथ मुक्त कराए गए सभी बच्चों का एक सप्ताह के भीतर स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करने को कहा.
दुकानों से पंडालों तक नजर, 1 अक्टूबर से विशेष अभियान
बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि 1 अक्टूबर 2026 से नियमित अंतराल पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए. इस दौरान दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों के साथ पर्व-त्योहारों में लगाए जाने वाले पंडालों, मिठाई दुकानों और ढाबों की भी जांच की जाएगी. बाल श्रमिक मिलने पर उन्हें तत्काल मुक्त कराने और नियोजकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
डीएम ने कहा कि सिर्फ बच्चों को काम से मुक्त कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास और भविष्य की व्यवस्था भी जरूरी है. इसी के तहत शिक्षा विभाग से समन्वय कर सभी मुक्त बाल श्रमिकों को स्कूल से जोड़ने तथा उनके परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया.
दत्तक ग्रहण संस्थान में सुरक्षा, परवरिश योजना पर भी फोकस
बैठक में विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए वहां होमगार्ड की तैनाती कराने का निर्देश दिया गया. वहीं परवरिश योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभ दिलाने की भी समीक्षा हुई. विशेष रूप से HIV/AIDS से प्रभावित परिवारों के बच्चों को योजना से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों को विशेष प्रयास करने को कहा गया.
डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को बाल संरक्षण के मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता से काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उन्हें शिक्षा से जोड़ने और सुरक्षित भविष्य देने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा.





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