दावा किया गया है कि बंदरों के काटने से अब तक 100 से अधिक बच्चे घायल हो चुके हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है. बंदरों के लगातार उत्पात से बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है.

नरबतपुर से अखौरीपुर गोला तक बंदरों के झुंड का उत्पात, बच्चों और महिलाओं में दहशत
स्कूलों और घरों तक पहुंचा आतंक, मुख्य पार्षद ने संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर पंचायत चौसा के वार्ड संख्या 01 नरबतपुर तथा वार्ड 12 और 13 के अखौरीपुर गोला में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं. नगर पंचायत की मुख्य पार्षद किरण देवी ने जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर इस गंभीर समस्या से लोगों को निजात दिलाने की मांग की है. पत्र में दावा किया गया है कि बंदरों के काटने से अब तक 100 से अधिक बच्चे घायल हो चुके हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है. बंदरों के लगातार उत्पात से बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है.
बंदरों के झुंड से सहमा इलाका, छोटे बच्चों पर ज्यादा खतरा
मुख्य पार्षद के अनुसार, बंदरों का आतंक अब रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगा है. बंदर गलियों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को परेशान कर रहे हैं. खासकर छोटे बच्चों पर हमले का खतरा ज्यादा बना हुआ है. बच्चे स्कूल जाते समय भी सुरक्षित नहीं हैं. बंदर स्कूल परिसर में तक प्रवेश कर बच्चों को अपना शिकार बना लेते हैं. इससे अभिभावकों में भी लगातार डर बना हुआ है.
100 से ज्यादा बच्चे घायल होने का दावा, कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
मुख्य पार्षद के पत्र में लगभग 100 से अधिक बच्चों के बंदरों के काटने से घायल होने की बात कही गई है. ऐसे में सवाल है कि जब समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है तो बंदरों के आतंक पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई कब होगी? लोगों का कहना है कि किसी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते कदम उठाना जरूरी है.
मुख्य पार्षद किरण देवी ने डीएम से जनहित में संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाना जरूरी है. अब लोगों की नजर प्रशासन की पहल पर है कि चौसा के इन इलाकों को बंदरों के आतंक से कब राहत मिलती है.





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