कार्यक्रम में भोजपुरी गायक मुकुल सिंह और आशीष राय ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. भक्ति गीतों की धुन शुरू होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ गया. लोग देर तक झूमते और तालियां बजाते नजर आए.

- अखंड कीर्तन में कलाकारों ने बांधा समां, जयघोष से गूंजता रहा ठाकुरबाड़ी परिसर
- महाभिषेक के बाद छप्पन भोग, विशाल भंडारे में साधु-संतों और ग्रामीणों ने ग्रहण किया प्रसाद
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बलिहार गांव की ठाकुरबाड़ी में पिछले 12 दिनों से चल रहा भक्ति और आस्था का उत्सव मंगलवार को ऐसे माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें हर ओर भगवान श्रीकृष्ण का नाम और जयघोष सुनाई देता रहा. नवयुवक कृष्ण जन्माष्टमी मठिया पूजा समिति की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अंतिम दिन ठाकुरबाड़ी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. अखंड कीर्तन, महाभिषेक, छप्पन भोग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया.
महोत्सव के दौरान बलिहार गांव का माहौल ही बदल गया था. सुबह पूजा-अर्चना तो शाम होते ही भक्ति गीत और कीर्तन की धुनें लोगों को ठाकुरबाड़ी तक खींच लाती थीं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. अंतिम दिन भी श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही.
कीर्तन की धुन पर भक्तिरस में डूबा बलिहार
14 सितंबर से शुरू हुए अखंड कीर्तन की मंगलवार को विधिवत पूर्णाहुति हुई. कीर्तन कलाकार मनोज सिंह, धनजी दुबे, संजीत सिंह, सोनू पांडेय और सोनू कुमार ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा माहौल बनाया कि श्रद्धालु देर तक भक्ति में डूबे रहे.
कभी भजनों की धुन पर तालियां गूंजतीं तो कभी ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से पूरा ठाकुरबाड़ी परिसर गुंजायमान हो उठता. कीर्तन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया.
महाभिषेक, छप्पन भोग और फिर उमड़ा भंडारे का सैलाब
अखंड कीर्तन की पूर्णाहुति के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत महाभिषेक कराया गया. इसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया. पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटा गया.
इसके बाद शुरू हुआ विशाल भंडारा. इसमें दूर-दराज से पहुंचे साधु-संतों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए. लोगों ने कतार में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया. भंडारे के दौरान समिति के नवयुवक व्यवस्था संभालते नजर आए.
भोजपुरी गीतों ने बांधा समां, देर तक झूमते रहे लोग
महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी गायक मुकुल सिंह और आशीष राय ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. भक्ति गीतों की धुन शुरू होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ गया. लोग देर तक झूमते और तालियां बजाते नजर आए.
12 दिनों तक चले इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला. आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि गांव के बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर इसे सफल बनाया.
नवयुवक कृष्ण जन्माष्टमी मठिया पूजा समिति के सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई. महोत्सव के समापन के साथ ठाकुरबाड़ी में भले ही कार्यक्रमों का दौर थम गया, लेकिन 12 दिनों तक गूंजा कृष्ण नाम और भक्तिमय माहौल ग्रामीणों की यादों में लंबे समय तक बना रहेगा.





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