कुल 56 लाख 49 हजार रुपये की सामग्री का उल्लेख है, जिसमें 37 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया गया. इसके बाद 2 लाख 6 हजार 711 रुपये और जमा किए गए. इस हिसाब से 16 लाख 82 हजार 289 रुपये की राशि का भुगतान बकाया बताया गया है.

- द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने डीएम को दोषियों से राशि वसूलने और मेसर्स ममता इंटरप्राइजेज पर एफआईआर का दिया निर्देश
- जांच में निलंबित GST पंजीयन वाली फर्म के नाम से जारी बिल प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होने की बात सामने आई
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के राजपुर प्रखंड की धनसोई पंचायत में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री खरीद के नाम पर हुए करीब 56.49 लाख रुपये के भुगतान में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. पंचायती राज विभाग के सचिव-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने 17 सितंबर 2026 को जारी आदेश में मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि का उल्लेख करते हुए दोषी मुखिया तुलसी साह और पंचायत सचिव के खिलाफ बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया है. साथ ही संबंधित फर्म मेसर्स ममता इंटरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर कराने, दोषियों से राशि की वसूली करने और यदि कोई भुगतान लंबित है तो उसे जांच के बाद शीघ्र कराने का आदेश दिया गया है.
मामला धनसोई पंचायत का है, जहां निर्माण योजनाओं के लिए सामग्री खरीद और उसके भुगतान को लेकर गोगौरा निवासी नीतीश कुमार ने द्वितीय अपील दायर की थी. आदेश के अनुसार पंचायत सेवक अमित राज और मुखिया तुलसी साह द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए सामग्री खरीद से संबंधित भुगतान किया गया था. कुल 56 लाख 49 हजार रुपये की सामग्री का उल्लेख है, जिसमें 37 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया गया. इसके बाद 2 लाख 6 हजार 711 रुपये और जमा किए गए. इस हिसाब से 16 लाख 82 हजार 289 रुपये की राशि का भुगतान बकाया बताया गया है.
डीएम की रिपोर्ट में भी भुगतान लंबित होने की पुष्टि
द्वितीय अपील की सुनवाई के दौरान डीएम, बक्सर की ओर से 14 सितंबर 2026 को पत्र संख्या 2356 के माध्यम से अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया. प्रतिवेदन के अवलोकन के बाद अपीलार्थी को भी इसकी जानकारी दी गई. सुनवाई के दौरान नीतीश कुमार ने जिला स्तर से प्राप्त रिपोर्ट पर अपना लिखित पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए शेष राशि का भुगतान नहीं होने की बात कही.
अपीलीय प्राधिकार के आदेश में कहा गया है कि जिला से प्राप्त प्रतिवेदन और प्रथम अपीलीय प्राधिकार के अंतिम आदेश से संबंधित मामले में मुखिया एवं पंचायत सचिव द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने की बात स्पष्ट होती है. वहीं, अपीलार्थी का शेष भुगतान अब भी लंबित बताया गया है.
निलंबित GST वाली फर्म के बिल पर उठे सवाल
मामले की जांच के दौरान मेसर्स ममता इंटरप्राइजेज से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई. 18 जून 2026 को पारित प्रथम अपीलीय आदेश में राज्य कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी), बक्सर की जांच रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक संबंधित फर्म का GST पंजीयन 7 अक्टूबर 2024 से निलंबित था.
जांच में यह भी बताया गया कि फर्म की ओर से दाखिल विवरणी में धनसोई पंचायत के पंचायत सचिव को किसी प्रकार की सामग्री आपूर्ति किए जाने की जानकारी नहीं मिली. जांच रिपोर्ट में संबंधित प्रथम दृष्टया जारी बिल को फर्जी प्रतीत होने की बात कही गई. इसके बाद मुखिया और पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया था.
दोषियों से वसूली, फर्म पर एफआईआर का आदेश
द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने डीएम, बक्सर को निर्देश दिया है कि दोषी मुखिया और पंचायत सचिव के खिलाफ बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाए. साथ ही मेसर्स ममता इंटरप्राइजेज से क्रय की गई सामग्री की राशि की गणना कर दोषियों से उसकी वसूली सुनिश्चित कराने को कहा गया है.
आदेश में फर्जीवाड़े में संलिप्त बताई गई मेसर्स ममता इंटरप्राइजेज के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया है. इसके अलावा यदि अपीलार्थी का कोई भुगतान लंबित है तो नियमानुसार जांच कर उसका यथाशीघ्र भुगतान कराने को कहा गया है. इन निर्देशों के साथ द्वितीय अपील की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है.





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