राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी परिवार के विस्थापित होने की सूचना नहीं है और न ही किसी राहत केंद्र अथवा सामुदायिक रसोई की जरूरत पड़ी है. लेकिन प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए जमीन से लेकर नदी तक निगरानी और राहत की तैयारियां तेज कर दी हैं.

- पांच प्रखंडों के 9,989 लोग प्रभावित, 12 पंचायतों में बढ़ी प्रशासन की चौकसी
- तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ तैनात, जरूरत पड़ने पर राहत व्यवस्था तैयार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गंगा के बढ़ते - घटते जलस्तर ने बक्सर जिले में बाढ़ तथा बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. जिले के पांच प्रखंडों की 12 पंचायतों के 24 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं, जहां करीब 9,989 लोगों पर इसका असर पड़ा है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी परिवार के विस्थापित होने की सूचना नहीं है और न ही किसी राहत केंद्र अथवा सामुदायिक रसोई की जरूरत पड़ी है. लेकिन प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए जमीन से लेकर नदी तक निगरानी और राहत की तैयारियां तेज कर दी हैं.
जिला प्रशासन के अनुसार प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत-बचाव कार्य के लिए 36 नावों का परिचालन किया जा रहा है. आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चार बोट एम्बुलेंस भी तैयार रखी गई हैं. अब तक प्रभावित क्षेत्रों में 853 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी संभावित आपदा से निपटने के लिए मुस्तैद हैं.
अभी विस्थापन नहीं, लेकिन चौकसी पूरी
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल प्रभावित परिवारों की संख्या, विस्थापित आबादी, चिकित्सा शिविर और पशु चिकित्सा शिविरों का आंकड़ा शून्य है. राहत केंद्र और सामुदायिक रसोई भी अभी संचालित नहीं किए गए हैं. इसका अर्थ यह है कि बाढ़ का असर तो गांवों तक पहुंच चुका है, लेकिन स्थिति अभी बड़े पैमाने पर विस्थापन वाली नहीं बनी है.
डीएम की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई. डीएम ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं. तटबंधों की सुरक्षा के लिए लगातार पेट्रोलिंग कराई जा रही है, ताकि किसी भी कमजोर बिंदु की समय रहते पहचान की जा सके.
मेडिकल टीम और पशुचारा भी तैयार
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए मेडिकल टीमों का गठन कर दिया गया है. टीमें आवश्यक दवाओं और एंटी-वेनम के साथ तैयार रहेंगी. पशुपालकों के लिए पशुचारा और पशु चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था भी जरूरत के अनुसार की जा रही है.
डीएम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने से बचने की अपील की है. किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06183-223333 पर सूचना दी जा सकती है. फिलहाल बक्सर में बाढ़ का असर बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन का दावा है कि राहत और बचाव की पूरी तैयारी जमीन पर है.





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