कुल 36 नावों का परिचालन कराया जा रहा है. बक्सर अंचल में दो, चौसा में पांच, ब्रह्मपुर में सात, सिमरी में 17 और चक्की में पांच नावें चल रही हैं. प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 873 पॉलीथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है.

- गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, दियारा क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
- ढाबी में फंसी दो गर्भवती महिलाओं को बोट एम्बुलेंस ने पहुंचाया अस्पताल, प्रशासन ने 24×7 निगरानी के दिए निर्देश
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने जिले के दियारा और तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. शनिवार शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर 60.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से 0.16 मीटर ऊपर है. जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और निगरानी व्यवस्था को तेज कर दिया है.
जिले के बक्सर, चौसा, ब्रह्मपुर, सिमरी और चक्की अंचल के कई गांवों में बाढ़ का असर बताया गया है. प्रभावित लोगों के आवागमन और राहत कार्य के लिए कुल 36 नावों का परिचालन कराया जा रहा है. बक्सर अंचल में दो, चौसा में पांच, ब्रह्मपुर में सात, सिमरी में 17 और चक्की में पांच नावें चल रही हैं. प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 873 पॉलीथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है.
सबसे अहम तस्वीर ब्रह्मपुर के उत्तरी नैनीजोर पंचायत के ढाबी गांव से सामने आई, जहां बाढ़ के बीच दो गर्भवती महिलाओं को चिकित्सीय सहायता की जरूरत पड़ी. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की बोट एम्बुलेंस के साथ चिकित्सीय टीम मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को उनके घर से सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. फिलहाल दोनों को आवश्यक चिकित्सा एवं प्रसूति देखभाल मिल रही है.
प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रवण क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मियों को लगातार निगरानी रखने, लोगों को नदी से दूर रहने तथा बच्चों को नदी के किनारे नहीं जाने देने के निर्देश दिए हैं. आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की समीक्षा के साथ नाव, नाविक और गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है.
बक्सर-कोइलवर तटबंध की 24×7 निगरानी, कटाव निरोधक कार्य की तैयारी और नगर क्षेत्र के घाटों के निरीक्षण का निर्देश भी दिया गया है. वहीं, सिमरी और ब्रह्मपुर के प्रभावित इलाकों में बोट एम्बुलेंस, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, शुद्ध पेयजल, पशु चारा और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करने को कहा गया है. बिजली विभाग को ढीले तारों और शॉर्ट सर्किट की आशंका वाले स्थानों की जांच करने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन ने जलस्तर की लगातार समीक्षा के साथ जरूरत पड़ने पर नदी में नाव परिचालन रोकने तथा अवैध और ओवरलोड नावों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं.





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