कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्र-छात्राओं ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों को पठन-पाठन कराया. विद्यार्थियों के इस अनूठे अंदाज ने पूरे आयोजन को खास बना दिया.

 





                             

  • कक्षा 9वीं-10वीं के छात्र बने शिक्षक, अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचकर कराया पठन-पाठन
  • माल्यार्पण, प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के बीच शिक्षकों के प्रति बच्चों ने जताया आदर 

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी रोड स्थित ग्लोबल विजडम स्कूल में शनिवार को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया. समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली. कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्र-छात्राओं ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों को पठन-पाठन कराया. विद्यार्थियों के इस अनूठे अंदाज ने पूरे आयोजन को खास बना दिया.

कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से हुई. विद्यालय की प्रधानाचार्या निशा राय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रकाश पांडेय और प्रधानाचार्या निशा राय ने महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न प्रस्तुतियां दीं.

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में गजब का उत्साह देखने को मिला. कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र-छात्राओं ने शिक्षक की वेशभूषा धारण कर अलग-अलग कक्षाओं में जाकर शिक्षण कार्य किया. इस दौरान उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के साथ ही अनुशासन, शिष्टाचार और शिक्षा के महत्व का संदेश भी दिया. विद्यार्थियों के प्रदर्शन और आत्मविश्वास की विद्यालय परिवार ने सराहना की.

समारोह के दौरान प्रधानाचार्या निशा राय ने निदेशक प्रकाश पांडेय को उपहार देकर सम्मानित किया. वहीं उन्होंने विद्यालय के सभी शिक्षकों को भी उपहार प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया. शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

प्रधानाचार्या निशा राय ने कहा कि शिक्षक वह व्यक्ति है, जो विद्यार्थियों को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाता है. एक अच्छा गुरु वही है, जो कमजोर विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे बेहतर मुकाम तक पहुंचाने का प्रयास करे. उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को शिक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया.

निदेशक प्रकाश पांडेय ने गुरु की महत्ता बताते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती. गुरु ही विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ शिष्टाचार और जीवन के संस्कार प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी तपस्या है, जो जीवन को असफलता से सफलता की ओर ले जाती है.

समारोह के दौरान बच्चों की ऊर्जा, शिक्षकों के प्रति सम्मान और शानदार प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और यादगार बना दिया. पूरा कार्यक्रम प्रधानाचार्या निशा राय की उपस्थिति और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.