जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलाकार मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना, गुरु-शिष्य परंपरा योजना, कलाकार कल्याण कोष और आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र जैसी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं.

- 50 साल से अधिक उम्र के कलाकारों को पेंशन, गुरु-शिष्य योजना में गुरु को ₹15 हजार और शिष्य को ₹3 हजार प्रतिमाह
- इलाज से लेकर कला सामग्री खरीदने तक ₹2 लाख तक की मदद, बक्सर में आम्रपाली केंद्र पर युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के कलाकारों के लिए कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वरिष्ठ कलाकारों को सहायता देने के साथ-साथ पारंपरिक और विलुप्त होती कलाओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है. जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलाकार मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना, गुरु-शिष्य परंपरा योजना, कलाकार कल्याण कोष और आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र जैसी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं.
50 की उम्र के बाद कलाकारों को पेंशन का सहारा
मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के तहत 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे कलाकार पात्र होंगे, जो बिहार के मूल निवासी हैं और कला के क्षेत्र में कम से कम 10 वर्षों का अनुभव रखते हैं. आवेदक की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और वह सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए. इसके अलावा विभागीय कलाकार पंजीयन पोर्टल पर पंजीकरण भी जरूरी है. योजना की जानकारी और आवेदन प्रपत्र विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है.
गुरु को ₹15 हजार, शिष्य को मिलेगी ₹3 हजार की छात्रवृत्ति
गुरु-शिष्य परंपरा योजना के तहत दुर्लभ और विलुप्तप्राय कला विधाओं को बचाने पर जोर दिया गया है. इसमें गुरु की न्यूनतम आयु 50 वर्ष तथा शिष्य की उम्र 16 से 35 वर्ष निर्धारित है. चयनित गुरु को ₹15 हजार प्रतिमाह, एक संगत कलाकार को ₹7,500 और प्रत्येक चयनित शिष्य को ₹3 हजार प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी. एक कला विधा में अधिकतम 8 शिष्यों का चयन किया जा सकेगा. प्रशिक्षण गुरु के निवास या प्रशिक्षण केंद्र पर होगा.
इलाज में ₹2 लाख तक, वाद्य यंत्र और सामग्री के लिए भी मदद
कलाकार कल्याण कोष के तहत कलाकारों को चिकित्सा, प्रदर्श कला और चाक्षुष कला के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है. बीमारी या घायल होने पर अस्पताल में भर्ती की स्थिति में वास्तविक खर्च अथवा अधिकतम ₹2 लाख तक सहायता का प्रावधान है. प्रदर्श एवं चाक्षुष कला के क्षेत्र में भी अधिकतम ₹2 लाख तक अनुदान दिया जा सकता है. वहीं उपस्कर, वाद्य यंत्र और कला सामग्री खरीदने के लिए अधिकतम ₹50 हजार तक सहायता मिल सकती है. एक वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत एक बार सहायता दी जाएगी.
बक्सर में युवाओं के लिए आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र
युवा और नवोदित कलाकारों के लिए बक्सर में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित है. जून 2026 से यह केंद्र बाजार समिति रोड, कृषि भवन के सामने प्रेम आर्केड, तेज मोटर्स बिल्डिंग के प्रथम तल पर संचालित है. यहां सुयोग्य शिक्षकों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्र समेत अन्य कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है. विभाग का उद्देश्य पारंपरिक कला में दक्ष नई पीढ़ी तैयार करना है.
कलाकार विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रपत्र और विस्तृत जानकारी कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार की वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं. कलाकार कल्याण कोष के लिए निर्धारित आवेदन प्रपत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर निदेशक, सांस्कृतिक कार्य, नया सचिवालय, विकास भवन, तीसरी मंजिल, पटना-800015 के पते पर निबंधित डाक या कुरियर से आवेदन भेजने का प्रावधान है.





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