कहा गया है कि जिस घटना को लेकर विवाद चल रहा है, वह करीब 10 माह पुरानी है और उस समय किसी बच्ची के जन्मदिन के अवसर पर फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाला गया था. विभाग के अनुसार, उस फोटो में किसी प्रकार की अश्लील सामग्री नहीं थी. विभाग ने छात्रावास में किसी संदिग्ध गतिविधि से भी इनकार किया है.
- जिला कल्याण पदाधिकारी का दावा- 10 माह पुरानी घटना को लेकर खड़ा किया जा रहा बखेड़ा
- 18 सितंबर को महादलित आयोग के सदस्य ने छात्रावास पहुंचकर की जांच, छात्राओं से भी की बातचीत
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : कोइरपुरवा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय बालिका कल्याण छात्रावास को लेकर सोशल मीडिया और खबरों में चल रहे आरोपों पर जिला कल्याण पदाधिकारी ने अपना पक्ष जारी करते हुए उन्हें निराधार बताया है. कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि जिस घटना को लेकर विवाद चल रहा है, वह करीब 10 माह पुरानी है और उस समय किसी बच्ची के जन्मदिन के अवसर पर फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाला गया था. विभाग के अनुसार, उस फोटो में किसी प्रकार की अश्लील सामग्री नहीं थी. विभाग ने छात्रावास में किसी संदिग्ध गतिविधि से भी इनकार किया है.
जिला कल्याण पदाधिकारी अरविंद कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अनिल प्रधान द्वारा उसी पुरानी घटना को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि अनिल प्रधान छात्राओं के छात्रावास के आगे स्थित गैराज में बैठे रहते हैं और छात्राओं को टोका-टोकी करते हैं. विभाग ने सोशल मीडिया और खबरों में सामने आए अन्य वीडियो तथा समाचारों को भी निराधार बताया है.
जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध मामला, छात्राओं से भी हुई बातचीत
पत्र के अनुसार, डॉ. अंबेडकर बालिका कल्याण छात्रावास वर्तमान में सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहा है. विभाग की ओर से बताया गया कि 18 सितंबर 2026 को राज्य महादलित आयोग के सदस्य राम ईश्वर रजक ने छात्रावास पहुंचकर मामले की जांच की. इस दौरान उन्होंने छात्राओं से भी बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली.
जिला कल्याण पदाधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान कोई भी असंदिग्ध मामला प्रकाश में नहीं आया. पत्र में कहा गया है कि जांच के बाद आयोग के सदस्य ने संतोष व्यक्त किया. विभाग का कहना है कि छात्रावास के गेट के आसपास असामाजिक तत्वों की मौजूदगी को रोकने और उन्हें वहां से हटाने की आवश्यकता है.
आरोप-प्रत्यारोप के बीच सामने आया विभाग का पक्ष
छात्रावास को लेकर इससे पहले छात्राओं के निजी और कथित अश्लील वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने के आरोप लगाए गए थे. मामले में आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार की ओर से बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य से शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी. शिकायत में छात्रावास की महिला सुरक्षा कर्मी पर वीडियो बनाने और प्रसारित करने का आरोप लगाया गया था.
अब जिला कल्याण पदाधिकारी के ताजा पत्र में इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा गया है कि पुरानी घटना में कोई अश्लील सामग्री नहीं थी और वर्तमान में छात्रावास शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहा है. साथ ही 18 सितंबर को हुई जांच और छात्राओं से बातचीत का हवाला देते हुए विभाग ने किसी संदिग्ध मामले के सामने नहीं आने की बात कही है.
ऐसे में छात्रावास से जुड़े आरोपों और विभाग के खंडन के बीच अब जांच के दौरान दर्ज किए गए तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयानों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.






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