शिवप्रकाश राय ने घर पर हमला और धमकी का आरोप लगाते हुए थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है, वहीं प्रदीप राय पक्ष ने भी थाने में आवेदन देकर पैसे मांगने, धमकी और मारपीट समेत अन्य आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर पत्रकार मृत्युंजय सिंह ने एसपी से शिकायत कर धमकी के आरोप की जांच और सुरक्षा की मांग की है.

- शिवप्रकाश ने 10-12 लोगों के घर पहुंचकर धमकाने-मारपीट की शिकायत की, प्रदीप राय पक्ष ने भी थाने में प्राथमिकी के लिए दिया आवेदन
- 2010 में 10 लाख रुपये लेने और नहीं लौटाने का दावा, पत्रकार मृत्युंजय सिंह ने एसपी से शिकायत कर जांच व सुरक्षा की मांग की
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में आरटीआई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय, वैष्णवी ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप कुमार राय और पत्रकार मृत्युंजय सिंह से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है. शिवप्रकाश राय ने 6 सितंबर की शाम अपने घर पर 10-12 लोगों के पहुंचकर गाली-गलौज, धमकी और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है. इसके जवाब में प्रदीप राय पक्ष की ओर से भी शिवप्रकाश राय और उनके पुत्र सत्यप्रकाश राय के खिलाफ पैसे मांगने, धमकी देने और बातचीत के लिए पहुंचे व्यक्ति के साथ मारपीट व सोने की चेन छीनने का आरोप लगाते हुए थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया है. इसी विवाद से जुड़े घटनाक्रम में प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ मृत्युंजय सिंह ने प्रदीप राय पर फोन पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है.
शिवप्रकाश ने घर पर हमले का लगाया आरोप
शिवप्रकाश राय के अनुसार 6 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे 10-12 लोग उनके घर के गेट पर पहुंचे. आरोप है कि लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धमकी देते हुए मारपीट की. उन्होंने इस संबंध में थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है. मामले में पुलिस की ओर से जांच की जा रही है.
प्रदीप राय पक्ष ने भी थाने में दिया आवेदन
दूसरी ओर प्रदीप राय पक्ष की ओर से प्रियव्रत दुबे ने नगर थाने में आवेदन देकर शिवप्रकाश राय और उनके पुत्र सत्यप्रकाश राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आवेदन के अनुसार पहले हर महीने एक लाख रुपये देने और बाद में 6 सितंबर को फोन व संदेश के माध्यम से 50 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है.
प्रदीप बोले- समझाने गए थे लोग, मारपीट का आरोप गलत
प्रदीप राय ने अपने पक्ष में कहा कि शिवप्रकाश राय ने वर्ष 2010 में उनसे 10 लाख रुपये लिए थे, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया. उनका आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से आरटीआई के माध्यम से उन्हें लगातार झूठे मामलों में फंसाने और परेशान करने का प्रयास किया जा रहा था. जब उन्होंने इस संबंध में शिवप्रकाश राय से शिकायत की तो कथित तौर पर उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई.
प्रदीप राय का कहना है कि उनके पक्ष से कुछ लोग केवल शिवप्रकाश राय को समझाने के लिए उनके घर गए थे. उनका उद्देश्य यह बताना था कि किसी को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगना उचित नहीं है. प्रदीप राय ने शिवप्रकाश के साथ मारपीट किए जाने के आरोप को गलत बताया है.
प्रियव्रत के साथ मारपीट और चेन छीनने का आरोप
प्रदीप राय पक्ष के आवेदन के अनुसार मामले को बातचीत से सुलझाने के लिए प्रियव्रत दुबे को भेजा गया था. आरोप है कि वहां उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई तथा सत्यप्रकाश राय ने करीब तीन लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन छीन ली. इस मामले में भी थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया है.
पत्रकार मृत्युंजय ने एसपी से की शिकायत
इसी पूरे घटनाक्रम में प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ मृत्युंजय सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. उनका आरोप है कि 8 सितंबर की सुबह करीब 9:09 बजे प्रदीप राय की ओर से उन्हें फोन आया. मृत्युंजय सिंह के अनुसार बातचीत के दौरान उन्हें कहा गया, "यह आपसे हमारी अंतिम बार बात हो रही है, इसके बाद अब बात नहीं करेंगे."
सीडीआर जांच और सुरक्षा की मांग
मृत्युंजय सिंह ने एसपी को दिए आवेदन में पूरे मामले की जांच कराने, फोन कॉल की सीडीआर की जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने नगर थाने में भी आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है. उनका दावा है कि दो लोग उन्हें तलाशते हुए एक होटल तक पहुंचे थे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी गतिविधियां कैद हुई हैं.
पत्रकार संगठन ने जताई नाराजगी
मामले की जानकारी मिलने के बाद श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बक्सर जिला व्हाट्सएप समूह में भी घटना को लेकर नाराजगी जताई गई. पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं प्रदीप राय के निजी सहायक अमित मिश्रा से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी.
तीनों मामलों में पुलिस जांच पर नजर
एक ही घटनाक्रम से जुड़े इन तीनों पक्षों के आरोपों ने मामले को पेचीदा बना दिया है. एक ओर शिवप्रकाश राय ने घर पर हमला और धमकी का आरोप लगाते हुए थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है, वहीं प्रदीप राय पक्ष ने भी थाने में आवेदन देकर पैसे मांगने, धमकी और मारपीट समेत अन्य आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर पत्रकार मृत्युंजय सिंह ने एसपी से शिकायत कर धमकी के आरोप की जांच और सुरक्षा की मांग की है. अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी. थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामलों की जांच जारी है.





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