अदालत में दिए बयान में बताया कि रात करीब दो बजे होश आने पर उसने दोनों को धक्का दिया और वहां से निकलकर अपने घर पहुंची. घर पहुंचने के बाद उसने पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी.
- बेहोश कर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, अदालत में पेश हुए वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्य
- 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, पीड़िता को मुआवजा दिलाने के लिए कार्रवाई का निर्देश
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर सामाजिक अपमान पहुंचाने के मामले में बक्सर की अदालत ने दो दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है. प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम) उदय प्रताप सिंह की अदालत ने दीपक राम और कन्हैया गोंड को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.
पारंपरिक उपचार के लिए गई थी महिला
अभियोजन के अनुसार औद्योगिक थाना क्षेत्र के पतेलवा गांव निवासी करीब 40 वर्षीय महिला 14 सितंबर 2023 की शाम अपने सह-ग्रामीण दीपक राम के यहां पारंपरिक उपचार कराने गई थी. उस समय वहां उसका रिश्तेदार कन्हैया गोंड भी मौजूद था. आरोप के अनुसार उपचार के दौरान महिला को कुछ पदार्थ दिया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई.
बेहोशी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक महिला के बेहोश होने के बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. पीड़िता ने अदालत में दिए बयान में बताया कि रात करीब दो बजे होश आने पर उसने दोनों को धक्का दिया और वहां से निकलकर अपने घर पहुंची. घर पहुंचने के बाद उसने पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी.
तस्वीरें खींचकर फेसबुक पर वायरल करने का आरोप
मामले को और गंभीर बनाते हुए अभियोजन ने आरोप लगाया कि दीपक राम ने घटना के दौरान महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें खींचीं और बाद में उन्हें फेसबुक पर वायरल कर दिया. तस्वीरें वायरल होने के कारण पीड़िता को सामाजिक अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा. इसके बाद महिला ने 17 सितंबर 2023 को मामले की शिकायत दर्ज कराई थी.
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मजबूत हुआ मामला
जांच के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(D) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(A) के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान आरोपियों के रक्त और वीर्य के नमूनों सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए.
अर्थदंड की राशि से मिलेगा पीड़िता को मुआवजा
अदालत ने दोनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. आदेश में अर्थदंड की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में उपलब्ध कराने के लिए संबंधित प्राधिकार को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा.
फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर शेष सजा भुगतने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया. साथ ही उन्हें फैसले के खिलाफ अपील के अधिकार की जानकारी दी गई. आर्थिक रूप से असमर्थ होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता लेने का अधिकार भी दोनों को बताया गया.






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