जिला परिवहन कार्यालय, बक्सर में 7 से 11 सितंबर तक विशेष पंजीकरण काउंटर चलेगा. 13 जून 2026 से पहले कटे लंबित चालानों वाले वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठाकर लोक अदालत से पहले ही अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
- 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ेगी भीड़, पांच दिन पहले पंजीकरण का मिलेगा मौका
- 13 जून से पहले के चालानों पर समझौते से निस्तारण, समय-परेशानी के साथ आर्थिक बोझ से भी राहत
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : वाहन पर लंबित चालान का बोझ ढो रहे लोगों के लिए राहत का मौका है. 12 सितंबर को बक्सर सिविल कोर्ट में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहनों से जुड़े लंबित चालानों के निस्तारण के लिए संभावित भीड़ को देखते हुए जिला परिवहन कार्यालय, बक्सर में 7 से 11 सितंबर तक विशेष पंजीकरण काउंटर चलेगा. 13 जून 2026 से पहले कटे लंबित चालानों वाले वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठाकर लोक अदालत से पहले ही अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
पांच दिन खुला रहेगा विशेष काउंटर
डीटीओ कार्यालय में 7 सितंबर से प्री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी. वाहन मालिक 11 सितंबर तक कार्यालय पहुंचकर अपने लंबित चालान के संबंध में पंजीकरण करा सकते हैं. निर्धारित प्रक्रिया के तहत शुल्क जमा करने के बाद संबंधित चालान का स्वचालित निस्तारण किया जाएगा. इससे लोक अदालत के दिन लंबी कतार और भीड़ में खड़े होने से बचा जा सकेगा.
डीटीओ प्रशांत रमानिया की अपील—अंतिम दिन का इंतजार न करें
डीटीओ प्रशांत रमानिया ने वाहन मालिकों से समय रहते इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में वाहन मालिकों के पहुंचने की संभावना है. इसलिए जिन लोगों के 13 जून से पहले के चालान लंबित हैं, वे 7 से 11 सितंबर के बीच डीटीओ कार्यालय में प्री-रजिस्ट्रेशन करा लें. इससे लोक अदालत के दिन होने वाली भीड़ और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा.”
12 सितंबर को सीधे सिविल कोर्ट पहुंचने का भी विकल्प
प्री-रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है. जिन वाहन मालिकों के लिए डीटीओ कार्यालय में पहले से पंजीकरण कराना संभव नहीं है, वे 12 सितंबर को बक्सर सिविल कोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सीधे उपस्थित होकर अपने लंबित चालान का समझौते के माध्यम से निस्तारण करा सकते हैं. यानी वाहन मालिकों के पास अपनी सुविधा के अनुसार पहले पंजीकरण कराने या लोक अदालत के दिन सीधे पहुंचने का विकल्प रहेगा.
समझौते से मामला खत्म, समय और खर्च दोनों की बचत
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण करना है. लंबित चालान का समाधान होने से वाहन मालिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिल सकती है. साथ ही निर्धारित छूट के तहत शुल्क जमा करने का अवसर मिलने से आर्थिक राहत भी संभव है.
‘आज नहीं तो कब?’—लंबित चालान वालों के लिए मौका
लंबित चालान को टालते रहने वाले वाहन मालिकों के लिए यह प्रक्रिया राहत के साथ जिम्मेदारी पूरी करने का अवसर भी है. 7 से 11 सितंबर तक डीटीओ कार्यालय में उपलब्ध विशेष काउंटर का उद्देश्य लोक अदालत के दिन दबाव कम करना और अधिक से अधिक मामलों का सुविधाजनक तरीके से निस्तारण कराना है.






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