टीम ने गंगा पंप नहर की वर्षों से खाली पड़ी जमीन का जायजा लिया. प्रस्तावित सड़क के रास्ते में आने वाली करीब 800 फीट विभागीय जमीन की स्थिति देखी गई. अधिकारियों ने सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी ली.
- ऐतिहासिक स्थल के पीछे रहने वाली बड़ी आबादी और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को वर्षों से है पक्की सड़क का इंतजार
- नगर पंचायत ने लिया सड़क निर्माण का प्रस्ताव, एनओसी की प्रक्रिया को लेकर जल संसाधन विभाग ने शुरू की पहल
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : ऐतिहासिक स्थल के पीछे रहने वाले लोगों और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की वर्षों पुरानी परेशानी दूर होने की उम्मीद अब जगी है. कच्चे और कीचड़युक्त रास्ते से आवागमन की समस्या को देखते हुए नगर पंचायत ने सड़क निर्माण का प्रस्ताव लिया है. प्रस्तावित रास्ते में जल संसाधन विभाग की करीब 800 फीट जमीन आने के कारण एनओसी की जरूरत है. इसी को लेकर विभागीय स्तर पर पहल शुरू करते हुए बुधवार को अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार ने स्थल निरीक्षण किया.
जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख निखिल कुमार के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार अभियंताओं की टीम के साथ नरबतपुर पहुंचे. टीम ने गंगा पंप नहर की वर्षों से खाली पड़ी जमीन का जायजा लिया. प्रस्तावित सड़क के रास्ते में आने वाली करीब 800 फीट विभागीय जमीन की स्थिति देखी गई. अधिकारियों ने सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी ली. स्थल निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए.
बारिश में कीचड़ से बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐतिहासिक स्थल के पीछे बड़ी आबादी रहती है. इसी इलाके में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित होता है. पक्की सड़क नहीं होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है. बारिश के दौरान कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ जाती है. लंबे समय से लोग इस रास्ते पर पक्की सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं.
नगर पंचायत की ओर से सड़क निर्माण का प्रस्ताव लिया जा चुका है. हालांकि, प्रस्तावित सड़क के रास्ते में जल संसाधन विभाग की जमीन होने के कारण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी है. इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को विभागीय अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया.
दिशा की बैठक में उठी थी मांग
मामले को लेकर दिशा की बैठक में नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि सह पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव ने आवाज उठाई थी. उन्होंने विभागीय अधिकारियों के समक्ष सड़क निर्माण में आ रही समस्या को दूर कराने की मांग रखी थी. इसके बाद अभियंता प्रमुख को पत्र भेजा गया. इसी पहल के बाद अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में टीम ने स्थल निरीक्षण किया.
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभागीय जमीन से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने और एनओसी मिलने के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ होगा. इससे ऐतिहासिक स्थल के पीछे रहने वाली आबादी के साथ स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी बड़ी राहत मिल सकेगी.
निरीक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार यादव, गंगा व सोन कैनाल के कार्यपालक अभियंता वीरेंद्र कुमार, नगर कार्यपालक अभियंता राजन कुमार, कनीय अभियंता दीनबंधु कुमार एवं नगर कनीय अभियंता प्रतीकधर मौजूद रहे.






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